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UP Election 2022- बसपा, भाजपा की बी टीम थी तो सपा ने उसके साथ मिलकर चुनाव क्यों लड़ा था: मायावती

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 24, 2022 07:53 pm IST,  Updated : Feb 24, 2022 07:53 pm IST

मायावती ने आरोप लगाया, 2003 में जब वह सरकार से हट गयी थीं तो बीजेपी के सहयोग से मुलायम सिंह यादव राज्य में सत्ता आये थे।

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BSP Supremo Mayawati and Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav. Image Source : PTI FILE

Highlights

  • मायावती ने पूछा कि बसपा अगर भाजपा की बी टीम थी तो फिर सपा और कांग्रेस ने पार्टी के साथ मिलकर चुनाव क्यों लड़ा था।
  • मायावती ने साथ ही कहा कि बसपा को न सिर्फ दलितों और मुसलमानों बल्कि ओबीसी तथा अगड़ी जातियों के भी वोट मिल रहे हैं।
  • मायावती ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में गुंडों, माफियाओं, लूट-खसोट,अपराध करने वालों का ही राज रहा है।

बस्ती: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बहुजन समाज पार्टी की तारीफ किये जाने और विभिन्न रानीतिक दलों तथा मीडिया में बहुजन समाज पार्टी को भारतीय जनता पार्टी की बी टीम बताये जाने के बाद पार्टी प्रमुख मायावती ने गुरुवार को सपा और कांग्रेस से कई सवाल किए। मायावती ने पूछा कि बसपा अगर भाजपा की बी टीम थी तो फिर सपा और कांग्रेस ने पार्टी के साथ मिलकर चुनाव क्यों लड़ा था। मायावती ने साथ ही कहा कि बसपा को न सिर्फ दलितों और मुसलमानों बल्कि अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अगड़ी जातियों के भी वोट मिल रहे हैं।

बस्ती जिले के पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में गुरुवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा, ‘पश्चिमी यूपी से चुनाव की शुरुआत हुई है, और जब से पश्चिमी यूपी के बारे में बसपा के दलितों व मुसलमानों की स्थिति को लेकर गृह मंत्री जी ने जो कुछ कहा है, उसके बाद से मीडिया और विरोधी पार्टियों ने फिर से राग अलपना शुरू कर दिया है कि बीएसपी, बीजेपी की बी टीम है। इसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। यदि बसपा, भाजपा की बी टीम होती तो फिर सपा ने उत्तर प्रदेश में एक बार विधानसभा का और दूसरी बार लोकसभा का चुनाव बसपा के साथ मिलकर क्यों लड़ा था।’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को एक टीवी चैनल को दिए गये इंटरव्यू में कहा था कि मायावती की जमीन पर अपनी पकड़ तो है मगर यह सीट में कितना बदलेगी, यह उन्हें मालूम नहीं है। शाह ने यह भी कहा था कि जाटव और मुस्लिम वोट बड़ी मात्रा में मायावती के साथ ही जाएगा। शाह के इस इंटरव्यू के बाद मीडिया में यह अटकल लगने लगी थी कि जरूरत पड़ने पर बसपा भाजपा के साथ गठबंधन कर सकती है।

बसपा की प्रासंगिकता बरकरार रहने संबंधी शाह के बयान के बारे में पूछे जाने पर मायावती ने कहा, ‘यह उनकी महानता है कि वह सच को स्वीकार कर रहे हैं। मैं उनसे यह भी कहना चाहती हूं कि उत्तर प्रदेश में बसपा को न सिर्फ दलितों और मुसलमानों बल्कि अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अगड़ी जातियों के भी वोट मिल रहे हैं।’ बसपा प्रमुख ने अपने जनसभा को संबोधित करते हुये सपा सरंक्षक मुलायम सिंह यादव को बीजेपी का मददगार करार दिया।

मायावती ने आरोप लगाया, ‘2003 में जब वह सरकार से हट गयी थीं तो बीजेपी के सहयोग से मुलायम सिंह यादव राज्य में सत्ता आये थे, उन्होंने कल्याण सिंह को गले लगाया था, यह सब जनता कैसे भूल सकती है।’ कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुये उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी ने भी विधानसभा का चुनाव एक बार बसपा के साथ मिलकर क्यों लड़ा था, तथा केंद्र में भी अपनी सरकार के लिए कई बार बसपा का समर्थन क्यों लिया था। इस बारे में मीडिया और कांग्रेस को भी जनता को बताना चाहिये।’

मायावती ने कहा कि बसपा को बीजेपी की बी टीम बताना घिनौनी राजनीति को दर्शाता है। यूपी की मुख्यमंत्री रह चुकी मायावती ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में गुंडों, माफियाओं, लूट-खसोट,अपराध करने वालों का ही राज रहा है और सपा सरकार में प्रदेश में हमेशा तनाव की स्थिति बनी रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास के कार्य भी सपा सरकार में एक विशेष क्षेत्र और एक विशेष वर्ग के लिए ही किया गया है।

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