नई दिल्ली: बिकिनी शब्द को सुनकर आज लोगों के दिमाग में कई तरह के ख्याल आने लगते हैं। लेकिन हमारे सिनेमाजगत में बिकिनी पहनना एक आम बात हो गई है। आज हम कई अभिनेत्रियों को फिल्मों में बिकिनी पहने और फोटोशूट करवाते हुए देखते हैं। आज बेशक यह सभी के एक बात हो गई है लेकिन एक समय ऐसा भी था जब इसे पहनकर सबके सामने आना आपत्तिजनक समझा जाता था। लेकिन क्या आप जानते है कि महिलाओं के सबसे महत्वपूर्ण इस वस्त्र का अस्तित्व क्या है।
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दरअसल एक वेबसाइट में छपी खबर के अनुसार 1946 में एक फ्रेंच डिजाइनर Louis Reard ने इस दुनिया को टू पीस के रुप में यह बिकिनी दी थी। आज इसे दुनिया में एक फैशन के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। पहली बार इसे पहनकर पेरिस की एक मॉडल ने रैंप पर वॉक किया था। वक्त के साथ इसे पहने का चलन भी बदलता जा रहा है। दुनिया की सबसे महंगी बिकिनी 30 मिलियन यानि करीब 202 करोड़ रुपए की है।
अगर बॉलीवुड सिनेमा की बात करें तो पहले हमारे सिनेमाजगत की अभिनेत्रियां इसे इतने बेबाक ढंग से नहीं पहन पाती थीं। लेकिन उस समय में कुछ अभिनेत्रियां ऐसी हुआ करती थीं जो सिर्फ अपनी ही शर्तों पर काम किया करती थीं। इन अभिनेत्रियां को हॉट सीन्स देने से लेकर बिकिनी पहनने तक कोई झिझक महसूस नहीं होती थी। इसमें जीनत अमान, शर्मिला टैगोर जैसी अभिनेत्रियों के नाम शुमार है। दिग्गज अदाकारा हेलेन को अपने जमाने की सबसे बोल्ड अभिनेत्री माना जाता था। भारत में बॉलीवुड अभिनेत्री शर्मिला टैगोर इसे पहने हुए नजर आई थीं। उन्होंने 1967 में आई फिल्म 'एन इवनिंग इन पेरिस' में बिकिनी पहनी थी। तब इसे लेकर काफी विवाद हुआ था। लेकिन आज वक्त काफी बदल गया है। अक्सर अब हम फिल्मों में अभिनेत्रियों को बिकिनी पहनते हुए देखते हैं।














