
समीक्षा-
सबसे पहले आपको बता दें कि ये फिल्म आदित्य चोपड़ा की एवरग्रीन फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ से बिल्कुल अलग है। फिल्म हालांकि थोड़ी प्रेडिक्टिबल है, लेकिन मनोरंजन की कोई कमी नहीं है। राज और मीरा की कहानी के फ्लैशबैक के सीक्वेन्स ठीक से दर्शाय गए है और फिल्म की पटकथा को वो खराब नहीं करते। फिल्म एक मसाला इंटरटेनर है, तो ज्यादा लॉजिक्स की गुंजाइस इसमें नहीं है और फिल्म देखते वक्त आप लॉजिक्स की उम्मीद न करें तो बेहतर। काजोल-शाहरुख और वरुण-कृति की जोड़ी अपनी-अपनी जगह बड़ी प्यारी है साथ ही उनकी अदाकारी मजबूत है। कुल मिलाकर फिल्म ने इंटरवल तक अच्छा टाइम पास किया है। रोहित शेट्टी का सिगनेचर एक्शन और कॉमेडी इसमें अहम भूमिका निभा रहा है। इंटरवल होते-होते कई सवाल हमारे दिल में है। उम्मीद है कि इनके जवाब हमें दूसरे हॉफ में मिलेंगे साथ ही वो पहले हॉफ जितना ही रोमांचक होना चाहिए।
पूरे रिव्यू के लिए देखते रहिए यहां..