नई दिल्ली: इंडिया टीवी के खास प्रोग्राम ‘आप की अदालत’ में बॉलीवुड अभिनेता और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर ने अपने फिल्मी करियर के कई राज खोले। ‘इंसाफ का तराजू’ नाम की फिल्म के अपने चर्चित रोल के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह नेगेटिव रोल कोई करना ही नहीं चाहता था, पर मैंने किया और सिनेमाहाल में लोगों की गालियां भी खाईं। यहां तक कि फिल्म देखने के बाद उनकी मां ने रोते हुए उनसे कहा था कि कम खा लेना, लेकिन ऐसा काम मत करना और तब मुझे लगा था कि मेहनत सफल रही।
इंडिया टीवी से बातचीत करते हुए राज बब्बर ने अपने फिल्मी करियर को लेकर और भी बाते कहीं। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपना फिल्मी करियर खत्म नहीं किया है। मैं पहले साल-छह महीने का गैप रखकर एक-दो फिल्में करता था। अब जिम्मेदारियां बढ गईं है, इसलिए गैप काफी बढ गया है। पर फिल्में करूंगा जरूर।’ एक और खुलासा करते हुए बब्बर ने बताया कि ‘शक्ति’ फिल्म का मुख्य किरदार पहले वही निभाने वाले थे, और उनके मुताबिक जावेद अख्तर ने एक इंटरव्यू में यह बात कही भी थी।

‘इन्साफ का तराजू’ के अपने चर्चित रोल के बारे में बात करते हुए बब्बर ने कहा, ‘नेगेटिव रोल होने की वजह से इन्साफ का तराजू में मेरा रोल करने को कोई तैयार नहीं था। ऐसे रोल से ऐक्टर की इमेज खराब होती है। लेकिन जब चोपड़ा साहब ने कहा कि यह रोल आपको करना है तो मेरी खुशी का ठिकाना न रहा। मैं थिएटर का आदमी हूं, थिएटर में हम लोग वह रोल करते थे, और करते हैं, जो सेन्ट्रल रोल होता है। मुझे लगा इस फिल्म की पूरी कहानी इसी किरदार की वजह से है।’
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर ने आगे कहा,’जब फिल्म की स्क्रीनिंग हुई तब मेरी मां वहां मौजूद थीं। फिल्म चलने लगी तो लोग खुलकर मेरे किरदार को गालियां देने लगे। फिल्म के बाद जब मां कार में बैठी तो रोने लगीं। मैने पूछा क्या हुआ तो मां ने कहा कि बेटा हम कम खा लेंगे, पर तू ऐसा काम मत कर। तब मुझे लगा था कि मेरी तीन साल की पूरी ट्रेनिंग और मेहनत को मेरी मां के उन लफ्जों ने कामयाब कर दिया।’