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मोदी शासन में बजट कटौती व लोकतंत्र की हत्या हुई : कांग्रेस

 Written By: IANS
 Published : May 24, 2015 05:35 pm IST,  Updated : May 24, 2015 05:36 pm IST

कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कांग्रेस ने जनता को धोखा देने का आरोप लगाया। साथ ही पार्टी ने रविवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं

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मोदी शासन में बजट कटौती व लोकतंत्र की हत्या हुई : कांग्रेस

कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कांग्रेस ने जनता को धोखा देने का आरोप लगाया। साथ ही पार्टी ने रविवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बजट में कटौती और 'लोकतंत्र की हत्या' के लिए जाना जाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा, "मोदी ने बड़े-बड़े वादे किए थे और जनता ने उन्हें निर्णायक जनादेश भी दिया, लेकिन अब उनकी पार्टी इन वादों को 'चुनावी जुमला' बता रही है। भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह इन वादों का जुमला बता रहे हैं। इसीलिए शाह को अपनी पार्टी का नाम बदलकर भारतीय जुमला पार्टी (भाजुपा) रखने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।"

जयराम रमेश का इशारा भाजपा अध्यक्ष के उस बयान की ओर था, जिसमें उन्होंने कहा था कि विदेशों से वापस लाए जाने वाले काले धन से प्रत्येक भारतीय के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा कराए जाने वाली बात केवल एक राजनीतिक जुमला था। अमित शाह ने यह बात एक साक्षात्कार के दौरान कही थी।

मोदी सरकार के एक साल पर टिप्पणी करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले से ही मौजूद योजनाओं को नए सिरे से पेशकर अपना बताने, लोकतंत्र की हत्या करने और प्रमुख क्षेत्रों के बजट आवंटन में कटौती इस सरकार के कार्यकाल की विशेषताएं हैं।

उन्होंने कहा, "मोदी सरकार के एक साल के कार्यकाल का उल्लेख लोकतंत्र की हत्या के रूप में किया जा सकता है। पिछले एक साल में उन्होंने संसद को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है। इस दौरान 53 विधेयक पारित हुए हैं और उनमें से केवल पांच विधेयक ही स्थायी समिति को भेजे गए हैं।"

जयराम ने कहा, "उन्होंने एक भी सर्वदलीय बैठक नहीं बुलाई। गैर सरकारी संगठनों को बुरी तरह परेशान किया जा रहा है और इस सरकार ने गड़बड़ियों की जांच के लिए अभी तक केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) और केंद्रीय सूचना आयुक्त (सीआईसी) की नियुक्ति नहीं की है।"

उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी अधिकतम प्रशासन और न्यूनतम सरकारी हस्तक्षेप के नारे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन वास्तविकता में यह व्यक्ति-केंद्रित और अधिकतम अहंकार वाली सरकार है। इसके सभी मंत्री और सांसदों का कोई अस्तित्व ही नहीं है।"

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की योजनाओं को नया रूप देकर उनका श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए जयराम रमेश ने मोदी पर विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय बदल लेने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने जीएसटी, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते का विरोध किया था और संप्रग सरकार के भूमि विधेयक का समर्थन किया था, अब उन्हें उसमें खामियां दिख रही हैं। उन्होंने लगातार कई मुद्दों पर अपनी राय बदल ली और अब किसान विरोधी भूमि अधिग्रहण विधेयक पास कराने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "इस सरकार की एक अन्य विशेषता शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पानी, कृषि और महिला एवं बाल कल्याण के क्षेत्रों के लिए बजट आवंटन में भारी कटौती है। सभी प्रमुख क्षेत्रों के बजट आवंटन में कटौती की गई है। यह मोदी सरकार के एक साल का रिपोर्ट कार्ड है।"

जयराम रमेश ने कहा, "अपनी सरकार के पहले साल के कार्यकाल में मोदी यदा-कदा ही भारत में रहे हैं। जब अटल बिहारी वाजपेयी विदेश मंत्री थे, तो उन्हें अपनी विदेश यात्राओं के कारण गगन विहारी वाजपेयी कहा जाने लगा था। लेकिन मोदी पूरे विश्व का दौरा कर रहे हैं, इसीलिए वह ब्रह्मांड विहारी बन गए हैं।"

 

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