नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता और निर्देशक राहुल बोस लंबे वक्त के बाद एक बार फिर से अपनी फिल्म ‘पूर्णा’ से निर्दशन के क्षेत्र में लौट आए हैं। उनकी यह फिल्म पिछले काफी वक्त से चर्चा में बनी हुई है। अभिनेता-निर्देशक राहुल बोस के लिए भारतीय पर्वतारोही मालावत पूर्णा के जीवन पर आधारित फिल्म बनाना आसान नहीं था और उनका कहना है कि फिल्म के निर्माण के दौरान अधिकतर समय वह अलगाव की स्थिति में रहते थे। फिल्म पूर्णा तेलंगाना की 13 वर्षीय एक आदिवासी लड़की की वास्तविक कहानी है जिसने 2014 में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की लड़की बनकर इतिहास रच दिया।
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राहुल ने कहा, मैं पिछले 14 महीनों से पूर्णा के लिए काम कर रहा था। मैं पूरी तरह से अलगाव की स्थिति में चला गया था। मुझ पर फिल्म का जुनून सवार था और मैंने अभी तक अन्य कोई भी फिल्म साइन नहीं की है। इस फिल्म के साथ दिल धड़कने दो के अभिनेता 15 वर्ष के अंतराल के बाद निर्देशन में लौट रहे हैं और पहली बार निर्माता बने हैं।
उन्होंने कहा, यह बहुत शानदार कहानी है। आदिवासी पृष्ठभूमि की लड़की होना एक बड़ी चुनौती है। इस लड़की :पूर्णा: ने इन सभी समस्याओं पर विजय प्राप्त की और उसने यह साबित कर दिया कि अगर आपमें साहस है तो आप कुछ भी कर सकते हैं। फिल्म में 48 वर्षीय राहुल ने पूर्णा के कोच और मेंटर आरएस प्रवीण कुमार की भूमिका निभाई है।