नई दिल्ली: बॉलीवुड फिल्मकार राम माधवानी ने अपनी पिछली फिल्म ‘नीरजा’ के लिए खूब सराहना हासिल की थी। इन दिनों वह अपनी वेब श्रृंखला 'बोधिधर्म: मास्टर ऑफ शाओलिन' के लिए काम कर रहे हैं। कुछ वक्त से सिनेमाजगत में एक खास बात देखने को मिल रही है कि, कई बड़ी फिल्में किसी त्यौहार या खास दिन पर ही रिलीज की जाती है। इसे लेकर माधवानी का मानना है कि डिजिटल ही भविष्य है और अब दर्शक कोई खास सामग्री देखने के लिए किसी खास समय में बंधने के लिए बाध्य नहीं हैं।
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माधवानी गीतकार, पटकथा लेखक और एड गुरु प्रसून जोशी के साथ एक्शन श्रृंखला के लिए काम कर रहे हैं। इसकी कहानी छठी सदी के चीन के शाओलिन मंदिर के संस्थापक बने योद्धा राजकुमार की कहानी पर आधारित है।
माधावानी ने कहा, "प्रसून जोशी और मैं एक फीचर फिल्म 'बोधिधर्म: मास्टर ऑफ शाओलिन' पर काम कर रहे थे। मुझे और प्रसून को लिखने के दौरान अहसास हुआ कि यह सामान्य फीचर फिल्म से ज्यादा लंबा हो गई है।"
डिजिटल की ओर रुख करने के फैसले पर उन्होंने कहा, "डिजिटल ही भविष्य है। दुनिया और भारतीय दर्शक डिजिटल मंच की ओर ही बढ़ रहे हैं और हम इसमें अग्रणी होने को लेकर बेहद उत्साहित हैं।"
माधावानी ने कहा, "दर्शक अब किसी तय समय पर देखने के लिए बंधे नहीं हैं और अब वे बेहद उचित कीमत पर जो चाहें और जब चाहें देखने के लिए आजाद हैं।"