नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट में कई अहम बदलाव किए हैं। 15 जून से तत्काल के नियमों में हो रहा है बदलाव जिसके तहत अब टिकट विंडो तो पहले की ही तरह सुबह 10 बजे खुलेगी, लेकिन सुबह 10 से 11 सिर्फ एसी श्रेणी के टिकट बेचे जाएंगे और उसके बाद सामन्य श्रेणी के टिकटों की बिक्री होगी। वहीं अब तत्काल टिकट को रद्द कराने पर 50 फीसदी रिफंड की सुविधा दी गई है, जबकि पहले आपको तत्काल रद्द कराने पर एक भी पैसा वापस नहीं मिलता था। यह सारी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगी। गौरतलब है कि रेलवे ने ये बदलाव भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किए हैं।
ऐसे में जब रेलवे आपके लिए जल्द ही तत्काल स्पेशल ट्रेन चलाने जा रहा है तो आपको रेलवे की पूरी ABCD के बारे में मालूम होना चाहिए। तो जानिए रेलवे के हर संकेत का क्या मतलब होता है।
रेलवे से जुड़ी कुछ शॉर्ट टर्मिनोलॉजी
WL- इसका अर्थ है वेटिंग लिस्ट
RLWL- रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट
जब दो स्टेशन के बीच ज्यादा ट्रेन नहीं होती और कोई यात्री टिकट कैंसल कर दे उस स्थिति में जो दूसरा यात्री पहले आता है उसे पहले सीट मिलती है। अगर वेटिंग लिस्ट ज्यादा है तो सीट मिलने के चांस भी बढ़ जाते हैं।
PQWL- पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट
अगर सफर शुरु करने से पहले आपका टिकट वेटिंग में है तो इसका मतलब है कि आपका नाम पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट में है।
CKWL- करंट कोटा वेटिंग लिस्ट
अगर आपने तत्काल कोटे में टिकट ली है तो आपका नाम करंट कोटा वेटिंग लिस्ट में है। यह वेटिंग लिस्ट 10 तक होने पर कंफर्म हो जाती है।
RQWL- रिक्वेस्ट वेटिंग लिस्ट
जब किसी रूट पर पूल्ड कोटा नहीं होता तो रिक्वेस्ट वेंटिग लिस्ट बनाई जाती है।

जानिए कितने तरह के होते है कोटे-
LD: लेडीज कोटा
HQ: हाई ऑफिशल या हेडक्वॉर्टर कोटा
DF: डिफेंस कोटा
OS: आउट स्टेशन कोटा
RS: रोड साइड कोटा, बड़े स्टेशनों के बीच के ऐसे स्टेशन जो कंप्यूटराइज्ड नेटवर्क से न जुडे हों तब उन्हें रोड साइड कोटे में रख कर टिकट रिजर्व किए जाते हैं। इनमें वेटिंग लिस्ट भी होती है।
PH- पार्लियामेंट हाउस कोटा
FT: फॉरेन टूरिस्ट कोटा
DP: ड्यूटी पास कोटा
HP: हैंडिकैप कोटा
SS: सीनियर सिटीजन कोटा
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