1. Hindi News
  2. मनोरंजन
  3. बॉलीवुड
  4. 4 मिनट 37 सेकेंड का 26 साल पुराना गाना, जिसे सुनते ही तेज हो जाती थी दिलों की धड़कने, थम जाता था वक्त, बन गया था पूरी जनरेशन का फेवरेट

4 मिनट 37 सेकेंड का 26 साल पुराना गाना, जिसे सुनते ही तेज हो जाती थी दिलों की धड़कने, थम जाता था वक्त, बन गया था पूरी जनरेशन का फेवरेट

 Written By: Jaya Dwivedie @JDwivedie
 Published : Apr 28, 2026 02:55 pm IST,  Updated : Apr 28, 2026 02:56 pm IST

साल 2000 में एक गाना रिलीज हुआ और देखते ही देखते ये गाना पॉप एंथम बन गया। उस्ताद सुल्तान खान और केएस चित्रा की रूहानी आवाज और नौहीद साइरूसी की मासूमियत ने इस गाने को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाकर हर संगीत प्रेमी का पसंदीदा बना दिया।

piya basanti re- India TV Hindi
पिया बसंती रे गाने की झलक। Image Source : SONYMUSICINDIAVEVO YOUTUBE

90 के दशक के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत का समय भारतीय संगीत जगत के लिए एक स्वर्ण युग जैसा था। यह वह दौर था जब फिल्मी गानों से इतर इंडी-पॉप अपनी एक अलग पहचान बना रहा था। उस समय कई ऐसे कलाकार उभरे जिन्होंने बिना किसी बड़े फिल्मी बैनर के अपनी आवाज से करोड़ों दिलों पर राज किया। आज भी जब हम उस दौर के सबसे मधुर और रूहानी गानों की बात करते हैं तो जुबां पर सबसे पहला नाम आता है ‘पिया बसंती रे’। यह केवल एक गाना नहीं, बल्कि एक अहसास है जो आज भी सुनने वालों को पुरानी यादों की सुनहरी गलियों में ले जाता है।

सूफी और क्लासिकल का अनूठा संगम

28 नवंबर 2000 को रिलीज हुआ 'पिया बसंती' एल्बम का यह टाइटल ट्रैक अपने आप में संगीत का एक अद्भुत प्रयोग था। इस गाने की सबसे बड़ी खूबी इसका गायन था। जहाँ एक तरफ उस्ताद सुल्तान खान की भारी और शास्त्रीय पुट वाली आवाज थी, वहीं दूसरी तरफ के.एस. चित्रा की कोयल जैसी मीठी और सुरीली तान। इन दोनों के बेमिसाल जुगलबंदी ने "पिया बसंती रे काहे सताए आजा" को एक कालजयी रचना बना दिया। संदेश शांडिल्य के संगीत निर्देशन और खिलेश शर्मा के लिखे बोलों ने इसमें वो सादगी और गहराई भर दी, जो उस दौर के अन्य पॉप गानों में कम ही देखने को मिलती थी।

नौहीद साइरूसी और वो यादगार म्यूजिक वीडियो

इस गाने की सफलता में इसके म्यूजिक वीडियो का भी बहुत बड़ा हाथ था। वीडियो में नजर आईं नौहीद साइरूसी अपनी मासूमियत और खूबसूरती से रातों-रात नेशनल क्रश बन गई थीं। पहाड़ों की वादियों, ट्रेन के सफर और एक अधूरी सी प्रेम कहानी को समेटे इस वीडियो ने हर युवा के दिल को छुआ। उस समय एमटीवी और चैनल वी पर इस गाने का दबदबा ऐसा था कि हर घंटे इसे बजाया जाता था। नौहीद की वो नीली आँखें और सादगी भरा अंदाज आज भी 90s किड्स के जेहन में ताजा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान और अवॉर्ड्स

'पिया बसंती रे' की लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं रही। साल 2001 में इस गाने ने 'एमटीवी वीडियो म्यूजिक अवॉर्ड्स' में 'इंटरनेशनल व्यूअर्स चॉइस अवॉर्ड' जीतकर वैश्विक स्तर पर अपनी धमक दिखाई। यह एल्बम उस साल का सबसे बड़ा हिट साबित हुआ और इसकी रिकॉर्ड तोड़ बिक्री हुई। यह उस दौर के उन चुनिंदा गैर-फिल्मी गानों में से एक था जिसे 'गोल्ड डिस्क' का सम्मान मिला। शास्त्रीय सारंगी और आधुनिक पॉप बीट्स के मिश्रण ने इसे संगीत प्रेमियों और आलोचकों, दोनों का पसंदीदा बना दिया।

आज के दौर में 'पिया बसंती' की प्रासंगिकता

रिलीज के दो दशक से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी इस गाने का जादू कम नहीं हुआ है। आज के डिजिटल युग और सोशल मीडिया के दौर में भी युवा इस गाने को रील्स और प्लेलिस्ट के जरिए साझा करते हैं। उस्ताद सुल्तान खान की वो सारंगी की धुन और चित्रा जी की मधुर आवाज आज भी किसी थके हुए मन को शांति देने का काम करती है। 'पिया बसंती रे' भारतीय स्वतंत्र संगीत के उस गौरवशाली इतिहास का हिस्सा है, जो हमें याद दिलाता है कि सच्चा संगीत समय की सीमाओं से परे होता है। यह गाना आज भी 90 के दशक के बच्चों के लिए वक्त को थाम देने वाली एक खूबसूरत सौगात है।

ये भी पढ़ें:  प्रेग्नेंसी अनाउंसमेंट के बाद पहली बार दिखीं दीपिका पादुकोण, डेनिम लुक में फ्लॉन्ट किया बेबी बंप, पैंपर करते दिखे रणवीर सिंह            

Latest Bollywood News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Bollywood से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें मनोरंजन