Fact Check: सोशल मीडिया पर आए दिन कोई न कोई वीडियो या फोटो वायरल होती रहती हैं। इनमें से कई का तो सच्चाई से दूर-दर तक कोई नाता नहीं होता। या यूं कहें कि पोस्ट और वीडियो को गलत या भ्रामक दावे से वायरल किया जाता है। ऐसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें दावा किया गया है कि सरकार ने कफ सिरप में 'डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड' नामक घटक पर प्रतिबंध लगा दिया है। जब इसके तथ्य की जांच की गई तो ये पूरी तरह से फर्जी निकला।
क्या हो रहा वायरल?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो आग की तरह वायरल हो रहा है। इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में दावा किया गया है कि सरकार ने कफ सिरप में 'डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड' नामक घटक पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह वीडियो बहुत तेज गति से वायरल है।
कैसे पता लगी सच्चाई?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे वीडियो में किए गए दावे को लेकर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी पीआईबी ने फैक्ट चेक किया। पीआईबी द्वारा किए गए फैक्ट चेक में यह जानकारी सामने आई कि यह दावा भ्रामक है। फैक्ट चेक में सामने आया कि घटक 'डेक्सट्रोमेथोर्फन हाइड्रोब्रोमाइड' के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने 'डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड' युक्त कुछ निश्चित खुराक संयोजनों (एफडीसी) पर प्रतिबंध लगा दिया है, विशेष रूप से उन पर जो एंटीहिस्टामाइन और डिकंजेस्टेंट के साथ संयुक्त हैं - मुख्य रूप से बच्चों में उनके उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है और "4 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए नहीं" अनिवार्य किया गया है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे सभी झूठी और भ्रामक जानकारी से सावधान रहे और ऐसी गलत सूचनाओं पर ध्यान न दें। साथ ही जनसामान्य के मध्य दुष्प्रचार करने के उद्देश्य से बनाए जा रहे ऐसे मैसेजेस को शेयर न करें। किसी भी खबर पर विश्वास करने या उसे शेयर करने से पहले हमेशा आधिकारिक सोर्सेज से उसकी पुष्टि अवश्य कर लें। केंद्र सरकार से जुड़ी सही और प्रामाणिक जानकारी या विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की आधिकारिक जानकारी हेतु आधिकारिक पर ही विजिट कीजिए।