आतंकवादियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर प्रमुख पर्यटन स्थल बैसरन पर हमला किया, जिसमें कम से कम 26 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक मासूम बच्चे को शव के ऊपर बैठे देखा जा सकता है। यूजर्स इस वीडियो को पहलगाम हमले से जोड़कर कह रहे हैं कि हिंदू होने के कारण इस बच्चे के सामने इसके दादा को गोली मार दी गई। इसी वीडियो के दूसरे हिस्से में यह बच्चा खून से लिपटी कमीज पहने हुए किसी कार के अंदर नजर आता है। साथ ही किसी महिला की आवाज सुनाई देती है जो उस बच्चे को बिस्किट और चॉकलेट देकर चुप करने की कोशिश कर रही है।
वीडियो को शेयर करते हुए कुछ लोग कह रहे हैं कि ये घटना 22 अप्रैल की है जब पहलगाम में हुए आतंकी हमले में इस बच्चे के दादा की हत्या कर दी गई है। हालांकि फैक्ट चेक में वायरल दावा पूरी तरह फर्जी निकला। हमारी जांच में पुष्टि हुई कि यह वीडियो 2020 का है। सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच गोलीबारी चल रही थी। इसी गोलीबारी के वक्त बशीर खान नाम शख्स की गाड़ी बीच में आ गई और बशीर को गोली लग गई जिससे उनकी मौत हो गई थी।
क्या हो रहा है वायरल?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक यूजर ने वायरल वीडियो क्लिप को शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, ''पहलगाम कश्मीर में घूमने गए इस #मासूम बच्चे के सामने उसके #दादा को गोलियों से भून दिया गया क्योंकि वह #हिंदू थे।"
एक अन्य X यूजर ने वीडियो शेयर कर लिखा, “इस बच्चे की एकमात्र गलती है कि यह हिंदू है इसीलिए इसने अपने पिता को खो दिया और डिजिटल आतंकी इस बच्चे पर भी हंस रहे हैं इसका भी मजाक उड़ा रहे हैं।”

पड़ताल
सोशल मीडिया पर यह वीडियो धड़ल्ले से शेयर हो रहा है। वायरल हो रहे दावे की सच्चाई जानने के लिए वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल लेंस की मदद से रिवर्स सर्च करने पर हमें 1 जुलाई, 2020 को छपी 'नवभारत टाइम्स' की एक न्यूज रिपोर्ट मिली।
रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना 1 जुलाई, 2020 को कश्मीर के सोपोर टाउन में घटी थी। दरअसल, सोपोर में आतंकियों ने CRPF के काफिले पर घात लगाकर हमला किया था। दोनों तरफ से गोलीबारी में CRPF का एक जवान शहीद हो गया जबकि आतंकियों ने एक आम नागरिक की भी हत्या कर दी। जिस शख्स की हत्या हुई वह अपने पोते को लेकर कहीं जा रहे थे। गोली लगने के बाद शख्स जमीन पर गिरा हुआ था। खून से लथपथ शरीर के पास उनका पोता पहले बैठा रहा। फिर इस उम्मीद में शख्स के सीने पर बैठ गया कि उसका दादा उसे गोद में उठाकर उसके लिए मिठाई खरीदेगा। जम्मू-कश्मीर में आतंक की यह सबसे भयावह तस्वीर थी।

'हिंदुस्तान टाइम्स' के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर हमें वो वीडियो मिल गया जिसमें वायरल वीडियो वाले बच्चे को एक कार के अंदर बैठकर रोते हुए देखा जा सकता है। यहां बताया गया है कि एक आम नागरिक के साथ-साथ एक CRPF जवान ने भी आतंकियों के साथ इस एनकाउंटर में जान गंवाई थी।

Fact Check में क्या निकला?
फैक्ट चेक में सामने आया है कि ये घटना हाल-फिलहाल की नहीं, बल्कि करीब 5 साल पुरानी साल 2020 की है और कश्मीर के सोपोर इलाके की है। कुछ लोग इसे पहलगाम में दिल दहला देने वाले आतंकी हमले से जोड़कर भ्रामक तरीके से शेयर कर रहे हैं। जांच में वायरल सोशल मीडिया पोस्ट भ्रामक निकला। यूजर्स को ऐसे किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
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