1. Hindi News
  2. फैक्ट चेक
  3. Fact Check: 'अब्दुल बंगाल पुलिस के जबड़े का नाप ले रहा है', फर्जी दावे के साथ शेयर की जा रही तस्वीर

Fact Check: 'अब्दुल बंगाल पुलिस के जबड़े का नाप ले रहा है', फर्जी दावे के साथ शेयर की जा रही तस्वीर

 Written By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Apr 18, 2025 08:50 pm IST,  Updated : Apr 18, 2025 08:50 pm IST

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स पुलिसकर्मी का जबड़ा पकड़े हुए दिख रहा है। इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर फर्जी दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

Fact Check Abdul is measuring the jaw of Bengal Police picture shared with fake claim- India TV Hindi
फैक्ट चेक Image Source : SOCIAL

वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ देशभर में मुस्लिम संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी के साथ पश्चिम बंगाल में भी इस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस बीच बीते दिनों मुर्शिदाबाद में हिंसा देखने को मिली थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें एक शख्स पुलसकर्मी का मुंह दबोचते हुए दिख रहा है। इस तस्वीर को गलत सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। लेकिन जब इंडिया टीवी ने इस वायरल पोस्ट की जांच की तो हमने पाया कि यह तस्वीर राजस्थान के जोधपुर की है और इसे गलत दावे के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है।

क्या किया जा रहा दावा?

एक यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, 'लिल्लाह, इतना भाई-चारा। अब्दुल बंगाल पुलिस जबड़े का नाप ले रहा है, इलाज करने के लिए।' वहीं एक दूसरे यूजर ने फेसबुक पर लिखा, 'बंगाल पुलिस के अधिकारी के जबड़े का "परीक्षण" करता एक बंग्लादेशी "दंत चिकित्सक"  ममता बनर्जी के सरकार के कलपुर्जों को दुरुस्त करते क्रांतिकारी हर जगह मिल सकते हैं।' जो तस्वीर वायरल हो रहा है, उसमें एक शख्स एक पुलिसकर्मी के जबड़े को दबोचते हुए दिख रहा है, जिसे पश्चिम बंगाल से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

Fact Check Abdul is measuring the jaw of Bengal Police picture shared with fake claim
Image Source : SOCIALफैक्ट चेक

क्या है सच्चाई?

इंडिया टीवी ने जब वायरल तस्वीर की जांच गूगल लेंस से की तो हमने पाया कि यह तस्वीर साल 2016 की है जिसका संबंध जोधपुर से है। वहीं रिवर्स इमेज से जब हमने इसे सर्च किया तो हमने पाया कि राजस्थान पत्रिका न्यूज आउटलेट के फेसबुक पोस्ट पर 28 मई 2016 को इस तस्वीर को शेयर किया गया है, जिसमें लिखा है, 'ठेले हटाए तो तोड़ी हदें, हेड कॉन्स्टेबल से बदतमीजी, मना किया तो पकड़ा मुंह।' इसके अलावा जब संबंधित कीवर्ड से हमने सर्च किया तो हमें पता चला कि दैनिक भास्कर ने भी इस घटना की रिपोर्टिंग की थी, जिसमें बताया या कि जोधपुर के घंटाघर क्षेत्र को नगर निगम ने नो ठेला जोन घोषित किया था। हालांकि फिर भी वहां लोग ठेले लेकर मौजूद थे। इसी दौरान जब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो एक ठेला चालक ने हेड कॉन्स्टेबल शोभाराम का मुंह पकड़ लिया। इंडिया टीवी ने अपनी जांच में पाया कि यह तस्वीर जोधपुर की है जो साल 2016 की है, जिसे सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। फैक्ट चेक से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।