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बढ़ते प्रदूषण से सांस लेना हुआ दुश्वार, सड़ रहे हैं फेफड़े, जानें जहरीले हवाओं से कैसे करें अपना बचाव?

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Nov 02, 2025 06:40 pm IST,  Updated : Nov 02, 2025 06:45 pm IST
इस समय दिल्ली-नोएडा और उत्तर भारत के कई हिस्सों में वायु प्रदूषण बढ़ा हुआ है। इसके पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं। ऐसे में अपने फेफड़ों को ज़हरीली हवा से बचाने और प्रदूषण के कारण होने वाली साँस लेने की समस्याओं को कम करने के लिए, आप इन कुछ उपायों को आज़मा सकते हैं।
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इस समय दिल्ली-नोएडा और उत्तर भारत के कई हिस्सों में वायु प्रदूषण बढ़ा हुआ है। इसके पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं। ऐसे में अपने फेफड़ों को ज़हरीली हवा से बचाने और प्रदूषण के कारण होने वाली साँस लेने की समस्याओं को कम करने के लिए, आप इन कुछ उपायों को आज़मा सकते हैं।
हाई क्वालिटी मास्क पहनें: अगर आपको प्रदूषण वाले दिनों में बाहर जाना ही पड़े, तो अच्छी तरह से फिट किया हुआ N95 या KN95 मास्क पहनें। ये सबसे हानिकारक प्रदूषक, को फ़िल्टर करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। सामान्य कपड़े या सर्जिकल मास्क पर्याप्त सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं।
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हाई क्वालिटी मास्क पहनें: अगर आपको प्रदूषण वाले दिनों में बाहर जाना ही पड़े, तो अच्छी तरह से फिट किया हुआ N95 या KN95 मास्क पहनें। ये सबसे हानिकारक प्रदूषक, को फ़िल्टर करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। सामान्य कपड़े या सर्जिकल मास्क पर्याप्त सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं।
प्रदूषण के समय बाहर कम निकलें: जब वायु गुणवत्ता खराब हो, विशेषकर सुबह और देर शाम के दौरान, तो उस समय बाहर निकलने से बचें। इस समय प्रदूषण का स्तर सबसे ज़्यादा होता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
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प्रदूषण के समय बाहर कम निकलें: जब वायु गुणवत्ता खराब हो, विशेषकर सुबह और देर शाम के दौरान, तो उस समय बाहर निकलने से बचें। इस समय प्रदूषण का स्तर सबसे ज़्यादा होता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
धूम्रपान छोड़ें: धूम्रपान वायु प्रदूषण के प्रभावों को गंभीर रूप से बढ़ाता है। स्मोकिंग कैंसर और सीओपीडी जैसी फेफड़ों की बीमारियों का एक प्रमुख कारण भी है। धूम्रपान छोड़ना आपके फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा उपाय है।
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धूम्रपान छोड़ें: धूम्रपान वायु प्रदूषण के प्रभावों को गंभीर रूप से बढ़ाता है। स्मोकिंग कैंसर और सीओपीडी जैसी फेफड़ों की बीमारियों का एक प्रमुख कारण भी है। धूम्रपान छोड़ना आपके फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा उपाय है।
एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें: अपने घर के लिए, अच्छे फ़िल्टर से लैस हाई क़्वालिटी वाले एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। जब बाहर प्रदूषण बहुत ज़्यादा हो तब बाहरी हवा को अंदर आने से रोकने के लिए खिड़कियाँ और दरवाज़े बंद रखें।
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एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें: अपने घर के लिए, अच्छे फ़िल्टर से लैस हाई क़्वालिटी वाले एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। जब बाहर प्रदूषण बहुत ज़्यादा हो तब बाहरी हवा को अंदर आने से रोकने के लिए खिड़कियाँ और दरवाज़े बंद रखें।
डाइट करें अच्छी: इस मौसम में अपनी डाइट अच्छी करें। एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ, जैसे बेरीज, पत्तेदार साग, मेवे और मछली, अपने आहार में शामिल करें। शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद के लिए दिन भर खूब पानी पिएँ। नियमित शारीरिक गतिविधि फेफड़ों और हृदय को मज़बूत बनाती है इसलिए घर में रोजाना एक्सरसाइज़ करें।
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डाइट करें अच्छी: इस मौसम में अपनी डाइट अच्छी करें। एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ, जैसे बेरीज, पत्तेदार साग, मेवे और मछली, अपने आहार में शामिल करें। शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद के लिए दिन भर खूब पानी पिएँ। नियमित शारीरिक गतिविधि फेफड़ों और हृदय को मज़बूत बनाती है इसलिए घर में रोजाना एक्सरसाइज़ करें।
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