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सावधान! दबा कर खाते हैं चाट-पकौड़ी और समोसा तो इन गंभीर बीमारियों के लिए हो जाइए तैयार

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Aug 15, 2025 02:26 pm IST,  Updated : Aug 15, 2025 02:31 pm IST
आजकल लोगों में चाट, पकोड़े, बर्गर और समोसे खाने का चलन तेजी से बढ़ा है। सुबह का नाश्ता हो या फिर शाम का स्नैक्स आजकल लोग इन खाद्य पदार्थों का सेवन खूब कर रहे हैं। कई लोग तो घर का खाना ही नहीं खाते, सुबह से लेकर शाम तक चाट- पकोड़े पर निर्भर होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं इन फूड्स का रोज़ाना सेवन करने से शरीर कई गंभीर बीमारियों का घर बन सकता है। चलिए जानते हैं इनके सेवन से किन बीमारियों का जोखिम बढ़ता है?
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आजकल लोगों में चाट, पकोड़े, बर्गर और समोसे खाने का चलन तेजी से बढ़ा है। सुबह का नाश्ता हो या फिर शाम का स्नैक्स आजकल लोग इन खाद्य पदार्थों का सेवन खूब कर रहे हैं। कई लोग तो घर का खाना ही नहीं खाते, सुबह से लेकर शाम तक चाट- पकोड़े पर निर्भर होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं इन फूड्स का रोज़ाना सेवन करने से शरीर कई गंभीर बीमारियों का घर बन सकता है। चलिए जानते हैं इनके सेवन से किन बीमारियों का जोखिम बढ़ता है?
समोसे में ट्रांस फैट और मैदा होता है, जो वज़न के साथ बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है जिससे हृदय रोग के जोखिम की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। बर्गर में हाई फैट पनीर, प्रोसेस्ड मीट और सफेद ब्रेड होता है, जो वज़न और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण बन सकता है। वहीं, चाट और पकोड़े में भी सेचुरेटेड फैट और नमक की मात्रा ज़्यादा होती है जो ब्लड प्रेशर के साथ स्ट्रोक का जोखिम भी बढ़ाते हैं।
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समोसे में ट्रांस फैट और मैदा होता है, जो वज़न के साथ बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है जिससे हृदय रोग के जोखिम की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। बर्गर में हाई फैट पनीर, प्रोसेस्ड मीट और सफेद ब्रेड होता है, जो वज़न और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण बन सकता है। वहीं, चाट और पकोड़े में भी सेचुरेटेड फैट और नमक की मात्रा ज़्यादा होती है जो ब्लड प्रेशर के साथ स्ट्रोक का जोखिम भी बढ़ाते हैं।
इन फूड्स में हाई सेचुरेटेड और ट्रांस फैट के साथ ज़्यादा मात्रा में सोडियम का इस्तेमाल होता है जो शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं और धमनियों को नुकसान पहुँचाते हैं जिससे नसों में रुकावट पैदा हो सकती हैं. इस वजह से दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
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इन फूड्स में हाई सेचुरेटेड और ट्रांस फैट के साथ ज़्यादा मात्रा में सोडियम का इस्तेमाल होता है जो शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं और धमनियों को नुकसान पहुँचाते हैं जिससे नसों में रुकावट पैदा हो सकती हैं. इस वजह से दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
इनमें खाद्य पदार्थों में बहुत ज़्यादा शुगर और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की मात्रा इंसुलिन रजिस्टेंस और डायबिटीज का कारण बन सकती है। तले और प्रोसेस्ड फूड्स में मौजूद हैं कैलोरी वजन बढ़ने और मोटापे का कारण बन सकती है।
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इनमें खाद्य पदार्थों में बहुत ज़्यादा शुगर और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की मात्रा इंसुलिन रजिस्टेंस और डायबिटीज का कारण बन सकती है। तले और प्रोसेस्ड फूड्स में मौजूद हैं कैलोरी वजन बढ़ने और मोटापे का कारण बन सकती है।
खराब तेल में बने इन मसालेदार फूड्स का लगातार सेवन डाइजेशन को खराब कर देता है। इन खाद्य पदार्थों में फाइबर की कमी से कब्ज और अन्य पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
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खराब तेल में बने इन मसालेदार फूड्स का लगातार सेवन डाइजेशन को खराब कर देता है। इन खाद्य पदार्थों में फाइबर की कमी से कब्ज और अन्य पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
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