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इन योगासनों से करें अपने दिन की शुरुआत, शरीर रहेगा पूरे दिन ऊर्जा से भरपूर, फिजिकली और मेंटली रहेंगे फिट

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Jun 29, 2025 07:37 am IST,  Updated : Jun 29, 2025 07:37 am IST
सुबह उठने के बाद अक्सर लोगों को आलस आता है, जिस वजह से वे घंटों तक बिस्तर पर ही रहते हैं। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो इन योगासनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। ये योगासन न केवल आपकी शारीरिक ऊर्जा को बढ़ाते हैं, बल्कि मानसिक सेहत को भी बेहतर करते हैं.
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सुबह उठने के बाद अक्सर लोगों को आलस आता है, जिस वजह से वे घंटों तक बिस्तर पर ही रहते हैं। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो इन योगासनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। ये योगासन न केवल आपकी शारीरिक ऊर्जा को बढ़ाते हैं, बल्कि मानसिक सेहत को भी बेहतर करते हैं.
सूर्य नमस्कार: सूर्य नमस्कार एक संपूर्ण योगासन है जिसमें 12 आसनों का एक क्रम होता है। यह पूरे शरीर को जगाने और दिन की शुरुआत के लिए बहुत ही शक्तिशाली तरीका है। यह आपकी लचीलेपन को बढ़ाता है, मांसपेशियों को मजबूत करता है, और सहनशक्ति को बढ़ाता है। इसे करने के लिए किसी भी उपकरण की ज़रूरत नहीं होती। यह शरीर को सक्रिय करता है, जिससे आप पूरे दिन तरोताजा और केंद्रित महसूस करते हैं।
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सूर्य नमस्कार: सूर्य नमस्कार एक संपूर्ण योगासन है जिसमें 12 आसनों का एक क्रम होता है। यह पूरे शरीर को जगाने और दिन की शुरुआत के लिए बहुत ही शक्तिशाली तरीका है। यह आपकी लचीलेपन को बढ़ाता है, मांसपेशियों को मजबूत करता है, और सहनशक्ति को बढ़ाता है। इसे करने के लिए किसी भी उपकरण की ज़रूरत नहीं होती। यह शरीर को सक्रिय करता है, जिससे आप पूरे दिन तरोताजा और केंद्रित महसूस करते हैं।
वॉल सिटअप्स : यह एक बहुत ही सरल लेकिन असरदार आसन है जो आपकी जांघों, पिंडलियों, और नितंबों को मजबूत करता है। इसे करने के लिए, अपनी पीठ को दीवार से सटाकर खड़े हो जाएं और धीरे-धीरे नीचे की ओर खिसकें, जैसे आप किसी कुर्सी पर बैठ रहे हों। तब तक नीचे जाएं जब तक आपके घुटने 90 डिग्री के कोण पर न आ जाएं। इस स्थिति में 30 से 60 सेकंड तक रहें। यह आसन आपकी मांसपेशियों की सहनशक्ति को भी बढ़ाता है।
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वॉल सिटअप्स : यह एक बहुत ही सरल लेकिन असरदार आसन है जो आपकी जांघों, पिंडलियों, और नितंबों को मजबूत करता है। इसे करने के लिए, अपनी पीठ को दीवार से सटाकर खड़े हो जाएं और धीरे-धीरे नीचे की ओर खिसकें, जैसे आप किसी कुर्सी पर बैठ रहे हों। तब तक नीचे जाएं जब तक आपके घुटने 90 डिग्री के कोण पर न आ जाएं। इस स्थिति में 30 से 60 सेकंड तक रहें। यह आसन आपकी मांसपेशियों की सहनशक्ति को भी बढ़ाता है।
मार्जरी आसन: मार्जरी आसन आपकी रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाने और पीठ की अकड़न को दूर करने में बहुत मददगार है। यह उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जिनकी डेस्क जॉब है या जो लंबे समय तक बैठे रहते हैं। यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए रखता है, जिससे पीठ का दर्द कम होता है।
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मार्जरी आसन: मार्जरी आसन आपकी रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाने और पीठ की अकड़न को दूर करने में बहुत मददगार है। यह उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जिनकी डेस्क जॉब है या जो लंबे समय तक बैठे रहते हैं। यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए रखता है, जिससे पीठ का दर्द कम होता है।
सेतु बंधासन: सेतु बंधासन पीठ, ग्लूट्स (नितंब), हैमस्ट्रिंग और पैरों को मजबूत बनाने के लिए बहुत फायदेमंद है। इसे करने के लिए, अपनी पीठ के बल लेट जाएं, घुटनों को मोड़ें, और पैरों को ज़मीन पर टिका लें। सांस लेते हुए, धीरे-धीरे अपने कूल्हों को ऊपर उठाएं। आप अपनी उंगलियों को पीठ के नीचे आपस में फंसा सकते हैं और अपनी छाती को थोड़ा और ऊपर उठा सकते हैं। 20-30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें और फिर धीरे-धीरे वापस आ जाएं।
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सेतु बंधासन: सेतु बंधासन पीठ, ग्लूट्स (नितंब), हैमस्ट्रिंग और पैरों को मजबूत बनाने के लिए बहुत फायदेमंद है। इसे करने के लिए, अपनी पीठ के बल लेट जाएं, घुटनों को मोड़ें, और पैरों को ज़मीन पर टिका लें। सांस लेते हुए, धीरे-धीरे अपने कूल्हों को ऊपर उठाएं। आप अपनी उंगलियों को पीठ के नीचे आपस में फंसा सकते हैं और अपनी छाती को थोड़ा और ऊपर उठा सकते हैं। 20-30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें और फिर धीरे-धीरे वापस आ जाएं।
उत्तानपादासन: उत्तानपादासन एक सौम्य लेकिन प्रभावी आसन है जो आपके कोर को मजबूत करता है। यह मुख्य रूप से कूल्हों, जांघों और पैरों को टोन करने में मदद करता है। नियमित अभ्यास से यह पाचन में सुधार, पीठ को मजबूत, और सहनशक्ति को बढ़ाने में सहायक होता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनकी कोर मांसपेशियां कमजोर हैं या जिनकी जीवनशैली गतिहीन है। इन योगासनों को अपनी सुबह की दिनचर्या में शामिल करने से आप न केवल आलस को दूर भगा सकते हैं, बल्कि पूरे दिन ऊर्जावान और सक्रिय भी महसूस करेंगे। क्या आप इनमें से किसी भी आसन को आजमाना चाहेंगे या किसी और योगासन के बारे में जानना चाहेंगे?
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उत्तानपादासन: उत्तानपादासन एक सौम्य लेकिन प्रभावी आसन है जो आपके कोर को मजबूत करता है। यह मुख्य रूप से कूल्हों, जांघों और पैरों को टोन करने में मदद करता है। नियमित अभ्यास से यह पाचन में सुधार, पीठ को मजबूत, और सहनशक्ति को बढ़ाने में सहायक होता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनकी कोर मांसपेशियां कमजोर हैं या जिनकी जीवनशैली गतिहीन है। इन योगासनों को अपनी सुबह की दिनचर्या में शामिल करने से आप न केवल आलस को दूर भगा सकते हैं, बल्कि पूरे दिन ऊर्जावान और सक्रिय भी महसूस करेंगे। क्या आप इनमें से किसी भी आसन को आजमाना चाहेंगे या किसी और योगासन के बारे में जानना चाहेंगे?
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