Friday, February 27, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. गैलरी
  3. देश
  4. Mahakumbh: महिला नागा संन्यासियों को आचार्य महामंडलेश्वर ने दी गुरुदीक्षा, देखें तस्वीरें

Mahakumbh: महिला नागा संन्यासियों को आचार्य महामंडलेश्वर ने दी गुरुदीक्षा, देखें तस्वीरें

Reported By : Imran Laeek Written By : Rituraj Tripathi Published : Jan 22, 2025 07:01 am IST, Updated : Jan 22, 2025 07:46 am IST
  • प्रयागराज में महाकुंभ का उत्सव जोरशोर से चल रहा है। इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा किसी की है तो वो नागा हैं। नागाओं से जुड़े रहस्य लोग जानना चाहते हैं। नागाओं की साधना कितनी कठिन होती है, ये जानकर आम लोग हैरान भी हो जाते हैं।
    Image Source : INDIA TV
    प्रयागराज में महाकुंभ का उत्सव जोरशोर से चल रहा है। इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा किसी की है तो वो नागा हैं। नागाओं से जुड़े रहस्य लोग जानना चाहते हैं। नागाओं की साधना कितनी कठिन होती है, ये जानकर आम लोग हैरान भी हो जाते हैं।
  • इस बीच प्रयागराज के महाकुंभ में सैकड़ों महिलाओं ने नागा संन्यास की दीक्षा ले ली है। सबसे पहले नागा संन्यास लेने वाली महिलाओं को गंगा स्नान कराकर उनका पिंडदान कराया गया है।
    Image Source : INDIA TV
    इस बीच प्रयागराज के महाकुंभ में सैकड़ों महिलाओं ने नागा संन्यास की दीक्षा ले ली है। सबसे पहले नागा संन्यास लेने वाली महिलाओं को गंगा स्नान कराकर उनका पिंडदान कराया गया है।
  • महिला नागा ने परिवार और खुद का पिंडदान किया है। उसके बाद विजया संस्कार किया गया है। उसी दिन नागा संन्यासी बनने वाली महिलाओं को सारी परम्परा के बाद जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द महाराज ने गुरुदीक्षा देकर संन्यासी बनाया है।
    Image Source : INDIA TV
    महिला नागा ने परिवार और खुद का पिंडदान किया है। उसके बाद विजया संस्कार किया गया है। उसी दिन नागा संन्यासी बनने वाली महिलाओं को सारी परम्परा के बाद जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द महाराज ने गुरुदीक्षा देकर संन्यासी बनाया है।
  • दीक्षा संस्कार में जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर लामवी विश्वरी माता मौजूद रहीं। उन्होंने बताया कि विजया संस्कार के बाद संन्यास धारण करने वाली महिलाओं को देर रात गंगा स्नान कराकर गुरू के सामने दीक्षा लेनी होती है और संन्यास दीक्षा के बाद वो सिर्फ भगवा रंग का वस्त्र धारण करके धर्म के मार्ग पर ही चलती हैं।
    Image Source : INDIA TV
    दीक्षा संस्कार में जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर लामवी विश्वरी माता मौजूद रहीं। उन्होंने बताया कि विजया संस्कार के बाद संन्यास धारण करने वाली महिलाओं को देर रात गंगा स्नान कराकर गुरू के सामने दीक्षा लेनी होती है और संन्यास दीक्षा के बाद वो सिर्फ भगवा रंग का वस्त्र धारण करके धर्म के मार्ग पर ही चलती हैं।
  • संन्यास के बाद उनको सारा मोह त्यागना पड़ता है। संन्यास की अनुभूति सामाजिक खुशी से कहीं ज़्यादा है। उन्होंने बताया कि संन्यास लेने वाली सैकड़ों महिलाएं हैं, जिसमें विदेशी भी शामिल हैं। अब अमृत स्नान में भी वो रहेंगी।
    Image Source : INDIA TV
    संन्यास के बाद उनको सारा मोह त्यागना पड़ता है। संन्यास की अनुभूति सामाजिक खुशी से कहीं ज़्यादा है। उन्होंने बताया कि संन्यास लेने वाली सैकड़ों महिलाएं हैं, जिसमें विदेशी भी शामिल हैं। अब अमृत स्नान में भी वो रहेंगी।