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चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में क्या अंतर है?

Written By: Naveen Khantwal
Published : Mar 13, 2026 06:00 pm IST,  Updated : Mar 13, 2026 06:01 pm IST
चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। हालांकि कई समानताएं होने के बाद भी चैत्र और शारदीय नवरात्रि में कुछ अंतर भी हैं। आज हम आपको बताएंगे कि चैत्र और शारदीय नवरात्रि में क्या अंतर होता है।
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चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। हालांकि कई समानताएं होने के बाद भी चैत्र और शारदीय नवरात्रि में कुछ अंतर भी हैं। आज हम आपको बताएंगे कि चैत्र और शारदीय नवरात्रि में क्या अंतर होता है।
चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व वसंत ऋतु के दौरान आता है। चैत्र नवरात्रि से ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। वहीं शारदीय नवरात्रि का त्योहार शरद ऋतु यानि सितंबर-अक्टूबर माह में आता है। चैत्र नवरात्रि को जहां नव जीवन और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है वहीं शारदीय नवरात्रि बुराई पर अच्छाई का प्रतीक मानी जाती है।
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चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व वसंत ऋतु के दौरान आता है। चैत्र नवरात्रि से ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। वहीं शारदीय नवरात्रि का त्योहार शरद ऋतु यानि सितंबर-अक्टूबर माह में आता है। चैत्र नवरात्रि को जहां नव जीवन और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है वहीं शारदीय नवरात्रि बुराई पर अच्छाई का प्रतीक मानी जाती है।
चैत्र नवरात्रि के 9वें दिन पर माता की पूजा के साथ ही राम नवमी भी मनाई जाती है वहीं शारदीय नवरात्रि के 10वें दिन विजयदशमी या दशहरा मनाया जाता है। चैत्र नवरात्रि के बाद जहां गर्मियों का मौसम उत्तर भारत में शूरू हो जाता है वहीं शारदीय नवरात्रि के बाद ठंडियां शुरू होती हैं।
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चैत्र नवरात्रि के 9वें दिन पर माता की पूजा के साथ ही राम नवमी भी मनाई जाती है वहीं शारदीय नवरात्रि के 10वें दिन विजयदशमी या दशहरा मनाया जाता है। चैत्र नवरात्रि के बाद जहां गर्मियों का मौसम उत्तर भारत में शूरू हो जाता है वहीं शारदीय नवरात्रि के बाद ठंडियां शुरू होती हैं।
चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है वहीं शारदीय नवरात्रि आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है। शारदीय नवरात्रि के दौरान पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा और गुजरात में गरबा धूमधाम से मनाया जाता है।
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चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है वहीं शारदीय नवरात्रि आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है। शारदीय नवरात्रि के दौरान पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा और गुजरात में गरबा धूमधाम से मनाया जाता है।
चैत्र और शारदीय नवरात्रि भले ही अलग-अलग ऋतुओं में आते हों लेकिन इन दोनों का ही धार्मिक रूप से बड़ा महत्व है। शारदीय और चैत्र नवरात्रि के दौरान भक्त माता दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करते हैं और आध्यात्मिक लाभ उठाते हैं।
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चैत्र और शारदीय नवरात्रि भले ही अलग-अलग ऋतुओं में आते हों लेकिन इन दोनों का ही धार्मिक रूप से बड़ा महत्व है। शारदीय और चैत्र नवरात्रि के दौरान भक्त माता दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करते हैं और आध्यात्मिक लाभ उठाते हैं।
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