गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने प्रदेश के लघु एवं मध्यम वर्ग के परिवारों को आवास हस्तांतरण पर देय शुल्क की राशि में बड़ी छूट देने का फैसला लिया है। सीएम द्वारा लिए गए इस महत्वपूर्ण राजस्व फैसले के अनुसार सोसायटियों, संघों एवं गैर-व्यापारिक निगमों द्वारा आवंटन पत्र एवं शेयर प्रमाण-पत्र के माध्यम से किए गए हस्तांतरण पर देय 100% शुल्क में से 80% तक शुल्क राशि माफ कर केवल 20% शुल्क ही वसूला जाएगा।
CMO ने बताया कि गुजरात स्टाम्प अधिनियम, 1958 की धारा 9 (ए) के तहत देय ऐसी राशि को छूट दी जाएगी।
आवास हस्तांतरण शुल्क क्या है?
आवास हस्तांतरण शुल्क, जिसे संपत्ति हस्तांतरण शुल्क भी कहा जाता है, एक ऐसा शुल्क है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को संपत्ति का स्वामित्व हस्तांतरित करने के लिए लगाया जाता है। यह शुल्क आमतौर पर विभिन्न प्रशासनिक लागतों को कवर करता है जो हस्तांतरण प्रक्रिया के दौरान होती हैं।
स्टाम्प ड्यूटी क्या है?
गुजरात में स्टाम्प ड्यूटी राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला कर है। यह एक अनिवार्य कर है जो गुजरात में होने वाले हर संपत्ति लेनदेन पर लगाया जाता है। संपत्ति हस्तांतरण और स्वामित्व के अद्यतन की प्रक्रिया के दौरान आधिकारिक दस्तावेजों को अपडेट करने के लिए शुल्क के रूप में कर एकत्र किया जाता है।
बता दें कि खरीदार को संपत्ति पंजीकरण के समय स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क का भुगतान करना होता है। यह एक राज्य से दूसरे राज्य में अलग-अलग होता है।
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