अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में कांग्रेस की राज्य इकाई के महासचिव राजेश सोनी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में सोशल मीडिया पर भ्रामक और सैनिकों का मनोबल तोड़ने वाली पोस्ट करने का आरोप है। पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी कि BNS की कठोर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। CID-साइबर क्राइम के SP भरतसिंह टांक ने बताया कि गुरुवार को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सोनी को गिरफ्तार किया गया। ऑपरेशन सिंदूर 7 से 10 मई तक जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद चलाया गया था। इस ऑपरेशन में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था।
पुलिस का कहना है कि सोनी ने फेसबुक पर ऐसी पोस्ट कीं, जो सैनिकों का मनोबल तोड़ सकती थीं और भारत की संप्रभुता को खतरे में डाल सकती थीं। सोनी के खिलाफ बीएनएस की धारा 152 और 353(1)(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया। धारा 152 भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्यों के लिए लागू होती है, जिसमें 7 साल तक की सजा या आजीवन कारावास और जुर्माना हो सकता है। धारा 353(1)(ए) उन लोगों पर लगती है, जो सैनिकों को उनके कर्तव्य से भटकाने या विद्रोह के लिए उकसाने वाली अफवाहें या गलत जानकारी फैलाते हैं।
पुलिस ने सोनी की 2 फेसबुक पोस्ट का जिक्र किया। एक पोस्ट में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के पोस्टर की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लड़ाकू विमान के पायलट की वर्दी में दिखाया गया था। पोस्ट में गुजराती में लिखा था कि सैनिकों को श्रेय नहीं मिलेगा और ऑपरेशन सिंदूर में राफेल उड़ाने की लागत से दोगुना खर्च प्रचार पर होगा। दूसरी पोस्ट में सोनी ने दावा किया कि भारत सरकार ने ऑपरेशन के दौरान आत्मसमर्पण कर दिया, जिससे लोगों को भड़काने की कोशिश की गई। पुलिस अधीक्षक टांक ने कहा कि सोनी की पोस्ट सैनिकों का मनोबल तोड़ सकती थी और यह गलत संदेश दे सकती थी कि युद्ध में उनका योगदान और बलिदान व्यर्थ जाएगा। इसलिए उनकी गिरफ्तारी जरूरी थी।
सोनी की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही शुक्रवार सुबह प्रदेश कांग्रेस नेता गांधीनगर में सीआईडी कार्यालय पहुंचे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि सोनी ने अपनी पोस्ट में केवल यह बताने की कोशिश की थी कि सैनिकों को उनकी बहादुरी का श्रेय मिलना चाहिए। इसके बजाय सरकार करदाताओं के पैसे को प्रचार और राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है। गोहिल ने कहा कि सोनी को सुबह 4 बजे गिरफ्तार किया गया, जैसे वह कोई आतंकवादी हों।
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