गांधीनगर: पीएम मोदी ने हालही में अहमदाबाद-धोलेरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। आज केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट करके इसकी खासियतों के बारे में बताया है। नितिन गडकरी ने बताया कि इससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
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नितिन गडकरी ने क्या कहा?
नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट करके कहा, "गुजरात में PM नरेंद्र मोदी ने 109 किलोमीटर लंबे, चार लेन वाले अहमदाबाद-धोलेरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (NE-08) का उद्घाटन किया। यह अहमदाबाद और उभरते धोलेरा क्षेत्र के बीच निर्बाध संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह एक्सप्रेसवे यात्रा के समय को काफी कम करता है और धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (DSIR) तथा आगामी धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंच को सुगम बनाता है।"
गडकरी ने कहा, "मौजूदा शहरी गलियारों में भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से ये एक्सप्रेसवे डिजाइन किया गया है। यह एक्सप्रेसवे यातायात प्रवाह को बेहतर बनाएगा और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में सहायक होगा। निवेश आकर्षित करके और रोजगार के अवसर पैदा करके यह आर्थिक विकास को गति देने के लिए तैयार है। इसके अतिरिक्त, यह कॉरिडोर माल ढुलाई और व्यापार आवागमन को तेज करेगा, लोथल जैसे प्रमुख स्थलों से बेहतर संपर्क स्थापित करेगा और गुजरात भर में औद्योगिक, क्षेत्रीय और पर्यटन विकास को बढ़ावा देगा।"
नितिन गडकरी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने गुजरात में 109 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले अहमदाबाद-धोलेरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (NE-08) का उद्घाटन किया है। इसे चार चरणों में विकसित किया गया है।
- पहला चरण - 22 किलोमीटर लंबा सरदार पटेल रिंग रोड - सिंधरेज गांव खंड
- दूसरा चरण - 26.5 किलोमीटर लंबा सिंधरेज गांव - वेजलका गांव खंड
- तीसरा चरण - 22.5 किलोमीटर लंबा वेजलका गांव - डीएसआईआर जोन (अहमदाबाद जिला) खंड
- चौथा चरण - 38 किलोमीटर लंबा डीएसआईआर जोन (अहमदाबाद जिला) - अधेलाई गांव (भावनगर जिला) खंड
क्या-क्या लाभ होंगे?
- अहमदाबाद और धोलेरा के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित करता है, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाता है।
- धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (डीएसआईआर) और आगामी धोलेरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से संपर्क को बढ़ावा देता है।
- मौजूदा शहरी सड़कों पर भीड़ कम करता है, जिससे प्रदूषण कम होता है और यातायात सुचारू होता है।
- निवेश आकर्षित करके और रोजगार के अवसर पैदा करके आर्थिक विकास को गति देता है।
- तेज़ माल ढुलाई और व्यापार आवागमन को सुगम बनाता है, जिससे औद्योगिक और क्षेत्रीय विकास को समर्थन मिलता है।
- लोथल जैसे प्रमुख स्थानों से संपर्क बेहतर करता है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलता है।