चंडीगढ़: आईपीएस (IPS) अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मृतक अधिकारी की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार की ओर से की गई शिकायत के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। चंडीगढ़ पुलिस की एसएसपी ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
चंडीगढ़ पुलिस की ओर से 9 अक्टूबर 2025 को जारी प्रेस नोट के अनुसार, दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के अंतिम नोट में नामित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(r) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
डीजीपी और एसपी पर मामला दर्ज
चंडीगढ़ पुलिस ने पुष्टि की है कि वाई. पूरन कुमार की पत्नी की शिकायत पर हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। दिवंगत अधिकारी की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने अपनी शिकायत में आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अपराधों का आरोप लगाते हुए मृतक के अंतिम नोट में नामित इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने बताया है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है।
SIT का हुआ गठन
सूत्रों के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने के बाद डीजीपी शत्रुजीत कपूर को हटाया जा सकता है और उनकी जगह हरियाणा पुलिस की कमान आलोक मित्तल को सौंपी जा सकती है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 1993 बैच के IPS ऑफिसर आलोक मित्तल को बुलाया है।
चंडीगढ़ पुलिस ने पूरण कुमार की कथित आत्महत्या की जांच के लिए शुक्रवार को 6 सदस्यों की एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई uw। इस टीम का नेतृत्व चंडीगढ़ के पुलिस महानिरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार करेंगे। टीम में SSP कंवरदीप कौर, SP केएम प्रियंका, DSP चरणजीत सिंह विर्क, उपमंडल पुलिस अधिकारी गुरजीत कौर और सेक्टर-11 थाने के प्रभारी जयवीर राणा शामिल हैं। पूरण कुमार ने मंगलवार को चंडीगढ़ में अपने घर पर कथित तौर पर खुद को गोली मार ली थी और एक सुसाइड नोट छोड़ा था। पूरण कुमार (52) भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 2001 बैच के अधिकारी थे।
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