ठंड के मौसम में लोग खूब चटकारे लेकर बाहर की चीजें खाते हैं। लेकिन ये खराब खानपान बैड कोलेस्ट्रॉल को तेजी से बढ़ाते हैं, जिससे हृदय रोग का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। दरअसल, इस मौसम में लोग ज्यादा कैलोरी वाला तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड खाते हैं और एक्सरसाइज़ बिल्कुल भी नहीं करते हैं। शारीरिक गतिविधि कम होने और ठंड के कारण रक्त वाहिकाएँ सिकुड़ सकती हैं, जिससे रक्त प्रवाह में मुश्किल होती है। इस वजह से धमनियों में प्लाक जमा होने लगता है जो हार्ट अटैक की वजह बनता है। ऐसे में चलिए जानते हैं सर्दियों के मौसम में किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए?
मीट का सेवन न करें: मीट में सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। सर्दियों में इसका सेवन करने से काफी समस्या हो सकती है। खासकर अगर आपका कोलेस्ट्रॉल पहले से ही ज़्यादा है। सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए मांसाहार का सेवन बढ़ाने की आदत कई लोगों को होती है, लेकिन लाल मीट से बचना चाहिए।
मीठी चीजों का न करें सेवन: ठंड में मीठा खाने का मन करता है, लेकिन चाय-कॉफी, आइसक्रीम और पेस्ट्री जैसी मीठी चीजें शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ा सकती हैं। इन चीजों में मौजूद सैचुरेटेड फैट और शुगर का अधिक सेवन करने से बचें, क्योंकि इससे ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल तेजी से बढ़ सकता है।
पैक्ड फ़ूड खाने से बचें: सर्दियों में फास्ट फूड या सड़कों पर बिकने वाले फास्ट फूड से बचना चाहिए क्योंकि इनमें ज़्यादा तेल और मसाले होते हैं, जो खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं और डायबिटीज का खतरा भी बढ़ा सकते हैं। इन खाद्य पदार्थों में सोडियम की मात्रा भी अधिक होती है, जो रक्तचाप बढ़ा सकता है और हृदय रोग का खतरा भी बढ़ा सकता है। फास्ट फूड से परहेज करके और फाइबर युक्त भोजन जैसे हरी सब्जियां, ओट्स और ब्राउन राइस को शामिल करके आप अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं।
सर्दियों में, अपने डाइट में घुलनशील फाइबर जैसे- ओट्स, फल, सब्जियां, ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे- अखरोट, अलसी, मछली शामिल करें। इसके अतिरिक्त, नियमित व्यायाम, धूम्रपान से परहेज और तनाव कम करना भी महत्वपूर्ण है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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