कुछ बीमारी ऐसी होती हैं जो एक बार शरीर में घुस गई तो उन्हें बाहर निकालना आसान नहीं होता। जैसे कैंसर- पहले इसे लाइलाज समझा जाता था। लेकिन अब कई तरह के कैंसर का इलाज मुमकिन है। बावजूद इसके इस घातक रोग की रफ्तार तेज़ी से बढ़ रही है। द लैंसेंट की लेटेस्ट रिसर्च के मुताबिक ये बच्चों में भी तेज़ी से बढ़ रहा है। भारत में बच्चों की मौत के कारणों में कैंसर दसवें तो दुनिया में 8वें नंबर पर है। दुनिया के मुकाबले भारत में कैंसर की रफ्तार ज़्यादा बेकाबू है। पिछले कुछ साल में जहां नए पेशेंट 26% बढ़े हैं तो मौत की गिनती का ग्राफ भी 21% चढ़ा है। इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि भारत में ज़्यादातर केस में बीमारी का पता लास्ट स्टेज में चलता है जिससे रिकवरी नहीं हो पाती और मरीज़ की जान बचाना मुश्किल हो जाता है। ये मुश्किल तब तक आसान नहीं होगी जब तक लोग खुद इस जानलेवा बीमारी से लड़ने-बचने के लिए खुद जागरुक नहीं होंगे। ऐस में चलिए बाबा रामदेव से जानते हैं इस बीमारी से बचाव के लिए क्या करें?
क्या कहती है द लैंसेंट की लेटेस्ट रिपोर्ट
द लैंसेंट की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक़, बच्चों में तेज़ी से कैंसर बढ़ रहा है। भारत में बच्चों में मौत की 10वीं बड़ी वजह कैंसर है। दुनिया में हर साल करीब पौन 4 करोड़ कैंसर के नए मामले बच्चों में मिलते हैं जिनमें करीब डेढ़ लाख हर साल दम तोड़ देते हैं।
सबसे ज्यादा होने वाले कैंसर और वजह
देश दुनिया में सबसे ज़्यादा होने वाला कैंसर है ल्यूकेमिया यानी की ब्लड कैंसर। दिमाग से जुड़ा कैंसर यानी की नर्वस सिस्टम का कैंसर। लिम्फ सिस्टम यानी सर्विक्स कैंसर। कैंसर होने के पीछे मुख्य वजह तंबाकू और शराब का सेवन, मोटापा का बढ़ना, खराब खानपान और प्रदूषण ज़िम्मदार है।
क्यों बढ़ा कैंसर से मौत का ग्राफ?
कैंसर से मौत के मामले इसलिए तेजी से बढ़े हैं क्योंकि यह बीमारी बहुत लेट डिटेक्ट होती है। इस वजह से इलाज़ में भी देरी होती है जिससे पेशेंट की जान बचाना मुश्किल हो जाता है।
कैंसर से मौत रोकने के लिए क्या करें?
कैंसर से मौत को रोकने के लिए सबसे ज़रूरी है उसकी जल्दी पहचान हो। कैंसर का पता लगाने के लिए मैमोग्राफी, पैट स्कैन, पैम टेस्ट और बायोप्सी जैसे टेस्ट किए जाते हैं। सही वक्त पर सही इलाज होने से इस बीमारी से होने वाले मौत दर को कम किया जा सकता है।
लाइफस्टाइल सही करना भी है ज़रूरी
कैंसर से बचाव के लिए लाइफस्टाइल और खानपान का भी सही होना बेहद ज़रूरी है। हेल्दी डाइट को अपने खान पान में शामिल करें। प्रोसेस्ड फ़ूड के सेवन से बचें साथ ही नियमित रूप से व्यायाम करें, वजन कंट्रोल में रखें, तंबाकू और शराब से दूर रहें और नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें