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फेफड़े हेल्दी हैं या अनहेल्दी दोनों के बीच के अंतर को कैसे पहचानें, Healthy Lungs के लिए रोजाना करें ये काम

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Oct 06, 2025 12:26 pm IST,  Updated : Oct 06, 2025 12:27 pm IST

फेफड़े हमारे शरीर का वो अंग हैं जिनसे हमारी सांसों की डोर जुड़ी होती है। चलिए जानते हैं हेल्दी और अनहेल्दी लंग्स के बीच के अंतर को कैसे पहचानें?

फेफड़े हेल्दी हैं या अनहेल्दी - India TV Hindi
फेफड़े हेल्दी हैं या अनहेल्दी Image Source : FREEPIK

फेफड़े हवा से ऑक्सीजन को रक्त में पहुँचाते हैं और रक्त से कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालते हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि हमारे फेफड़े हेल्दी हों। क्योंकि अगर फेफड़े अस्वस्थ हुए तो इससे सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है साथ ही शरीर को कई बीमारियां घेर लेती हैं। चलिए जानते हैं हेल्दी और अनहेल्दी फेफड़े के बीच के अंतर को कैसे पहचानें?

हेल्दी और अनहेल्दी फेफड़े के अंतर को कैसे पहचानें?

स्वस्थ फेफड़े गुलाबी और स्पंजी होते हैं। अस्वस्थ फेफड़े, विशेष रूप से धूम्रपान से, टार जमा होने से काले पड़ सकते हैं और उनकी बनावट सख्त होती है। हेल्दी फेफड़े साँस लेते समय आसानी से फैलते और सिकुड़ते हैं। अस्वस्थ फेफड़े अपनी इलास्टिसिटी खो देते हैं जिससे उनका ठीक से फैलना मुश्किल होता है। इस वजह से सांस लेने में बहुत ज़्यादा तकलीफ होती है।

स्वस्थ फेफड़ों के लक्षण:

स्वस्थ फेफड़ों के लक्षणों में सांस का सामान्य रूप से आना, व्यायाम करते समय सांस का न फूलना, और लगातार बिना किसी कारण के खांसी या बलगम न आना शामिल हैं। नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करने, स्वस्थ भोजन करने और धूम्रपान से बचने जैसी स्वस्थ आदतें फेफड़ों के अच्छे स्वास्थ्य का संकेत देती हैं।

अस्वस्थ फेफड़ों के लक्षण:

फेफड़ों की बीमारी के सबसे आम लक्षण साँस लेने में तकलीफ़ और खांसी हैं, हालाँकि कई अन्य बीमारियों में भी ये लक्षण पाए जाते हैं। मुंह से घरघराहट या तेज़ सीटी जैसी आवाज़ और शारीरिक गतिविधियाँ करने में कठिनाई। अगर आपको ये लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर को ज़रूर बताएँ ताकि ज़रूरत पड़ने पर फेफड़ों की बीमारी की जाँच की जा सके।

सिगरेट और तंबाखू फेफड़ों के लिए है जानलेवा:

सिगरेट पीना फेफड़ों के कैंसर और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज का प्रमुख कारण है, जिसमें क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और एम्फिसीमा शामिल हैं। सिगरेट का धुआँ वायुमार्गों को संकरा करता है और साँस लेना मुश्किल बनाता है। यह फेफड़ों में सूजन का कारण बनता है, जिससे क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस हो सकता है। समय के साथ, सिगरेट का धुआँ फेफड़ों के टिशूज़ को नष्ट कर देता है और कैंसर में परिवर्तित हो सकता है।

फेफड़ों को हेल्दी बनाने के लिए आज़माएं ये टिप्स

  • ब हवा में प्रदूषण फैला हो तो उस समय घर से बाहर निकलने से बचें। खराब हवा वाले दिनों में बाहर व्यायाम करने से बचें। अधिक यातायात वाले क्षेत्रों के पास जानें से बचें। 

  • जहां आप रहते हैं वहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बहुत ज़्यादा खराब है तो घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनकर ही निकलें। 

  • फेफड़ों की किसी भी बीमारी का शुरुआती चरण में ही पता लगाना सबसे अच्छा होता है। इसलिए नियमित रूप से जांच करवाएं। 

  • शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से आपके फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

 
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