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माइग्रेन की होती हैं ये 4 खतरनाक स्टेज, इस स्थिति में पड़ सकती है इमरजेंसी की जरूरत

 Written By: Bharti Singh
 Published : Jun 03, 2024 12:35 pm IST,  Updated : Jun 03, 2024 12:35 pm IST

National Headache Awareness Week: सिरदर्द ऐसी बीमारी है जो आपकी पूरी दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित करती है। माइग्रेन में होने वाला दर्द बहुत तेज होता है। जानिए माइग्रेन की 4 स्टेज कौन-कौन सी होती हैं?

Migraines- India TV Hindi
Migraines Image Source : FREEPIK

लाइफस्टाइल और टेंशन की वजह से आजकल ज्यादातर लोग सिर दर्द की समस्या से परेशान रहते हैं। हालांकि माइग्रेन नॉर्मल सिर दर्द से काफी खतरनाक है। इसकी सीरयसनेस, दर्द के कारण और इलाज के बारे में समझना जरूरी है। हर साल 2 जून से 8 जून तक National Headache Awarness Week मनाया जाता है। जिसमें लोगों को अलग-अलग सिर दर्द के कारण और इलाज के बारे में जागरुक किया जाता है। माइग्रेन एक ऐसा सिरदर्द है जो आमतौर पर सिर के एक तरफ गंभीर रूप से होता है। माइग्रेन में अक्सर लोगों को मतली, उल्टी और टाइल-साउंड से परेशानी होती है। माइग्रेन की 4 स्टेज हैं। जिन्हें समझना और जानना आपके लिए जरूरी है।

माइग्रेन का दर्द होने से काफी पहले शरीर संकेत देने लगता है। कई बार दर्द पूरे दिन या पूरे हफ्ते भी बना रहता है। इससे न सिर्फ आपका काम-काज प्रभावित होता है बल्कि शरीर में कई तरह की परेशानियां भी बढ़ती हैं। कई बार दर्द ठीक होने पर इसके आफ्टर इफेक्ट्स बने रहते हैं। माइग्रेन की चार स्टेज प्रोड्रोम, ऑरा, अटैक और पोस्ट-ड्रोम होती हैं हालांकि माइग्रेन से पीड़ित हर व्यक्ति इन सभी स्टेज से गुजरे ये जरूरी नहीं है।

माइग्रेन की 4 खतरनाक स्टेज

  1. प्रोड्रोम (Prodrome)- इस स्थिति में आपको माइग्रेन का दर्द होने से 1-2 दिन पहले कुछ लक्षण नज़र आने लगते हैं। जिसमें पेट खराब रहना, मूड चेंज, खाने को लेकर क्रेविंग, गर्दन में स्टिफनेस, पेशाब ज्यादा आना, शरीर में लिक्विड बढ़ना और बार बार उबासी आना हो सकते हैं।

  2. ऑरा (Aura)- इसमें माइग्रेन होने से कुछ घंटे या मिनट पहले आपको शरीर में कुछ लक्षण नजर आने लगते हैं। ये लक्षण नर्व सिस्टम से जुड़े हुए होते हैं। आखिरी के 1 घंटे में ये लक्षण तेजी से बढ़ते हैं। इसमें कई बार आंखों के सामने अंधेरा, कुछ चमकीले स्पॉट्स और लाइट्स नजर आना, धुंधला दिखाई देना, हाथ पैरों में सुई जैसी चुभना, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी और सुन्न होना, बोलने में परेशानी होने जैसे लक्षण दिखते हैं।

  3. अटैक (Attack)- अगर इलाज न मिले तो माइग्रेन का असर 4 से 72 घंटे तक रहता है। हालांकि कई बार दर्द बहुत तेज और कम भी हो सकता है। माइग्रेन में कई बार दोनों साइड और कई बार सिर के किसी एक साइड में तेज दर्द होता है। दर्द के वक्त रौशनी, आवाज और तेज स्मैल से परेशानी होती है। जी मिचलाना और उल्टी जैसा भी महसूस होता है। सिर में तेज बीट जैसी सुनाई देती है।

  4. पोस्ट-ड्रोम (Post-drome)- माइग्रेन के अटैक के बाद, आप एक दिन तक थका हुआ, काफी कंफ्यूज्ड और थका हुआ महसूस कर सकते हैं। कई बार अचानक सिर हिलाने से थोड़ी देर के लिए फिर से दर्द हो सकता है।

डॉक्टर को माइग्रेन कब दिखाना चाहिए?

अगर आपको लगातार सिर दर्द होता है तो सबसे पहले अपने माइग्रेन के पैटर्न को समझें। इसके लिए हर बार दर्द कब और किन परिस्थितियों में होता है ये लिखें। इससे आपको माइग्रेन का कारण काफी हद तक पता चल जाएगा। ज्यादा दर्द होने पर डॉक्टर को दिखाएं और फैमिली हिस्ट्री है तो उसके बारे में भी बताएं।

 

 

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