Mint for uric acid: पुदीना का पौधा अक्सर लोगों के घरों में ही लगा होता है और इसका हम तमाम प्रकार से इस्तेमाल भी करते हैं। ज्यादातर लोग इसे एसिडिटी और पेट की समस्याओं में इस्तेमाल का सुझाव देते हैं। लेकिन, आपको यह जान कर हैरानी हो सकती है कि यूरिक एसिड की समस्या में पुदीना काफी कारगर (Mint leaves good for uric acid ) तरीके से काम कर सकती है। दरअसल, पुदीने में फाइबर, आयरन और मोलिब्डेनम जैसे तत्व होते हैं जो कि आपकी सेहत के लिए अलग तरीके से काम कर सकते हैं। ये पहले तो शरीर में हाइड्रेशन को बहाल रखते हैं जिससे प्यूरिन को फ्लश ऑउट करने में भी मदद मिलती है। इसके अलावा भी यूरिक एसिड में पुदीना कई प्रकार से फायदेमंद है। कैसे, जानते हैं।
पुदीने की पत्तियों की खास बात यह है कि ये बॉडी डिटॉक्स करने में तेजी से काम करता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट्स टॉक्सिन को शरीर से बाहर निकालते हैं। यूरिक एसिड की समस्या में प्रोटीन का वेस्ट प्रोडक्ट लंबे समय तक शरीर में रुका रहता है और पथरी के रूप में जोड़ों के आस-पास जमा हो जाता है। ऐसे में जब आप पुदीने की पत्तियों को चबाते हैं तो ये शरीर से प्यूरिन को डिटॉक्सीफाई करता है।
पुदीने की एक खास बात यह है ये मूत्रवर्धक (Diuretics) की तरह काम कर सकता है। साथ ही ये शरीर में हाइड्रेशन को बहाल करता है। ऐसे में इसका सेवन शरीर से पेशाब के साथ प्यूरिन को बाहर निकालने में तेजी से काम कर सकता है। साथ ही ये प्रोटीन पचाने के मेटाबोलिज्म को भी तेज कर देता है।

गाउट, की समस्या बढ़े यूरिक एसिड के कारण होती है। ऐसे में पुदीने का एंटी इंफ्लेमेटरी गुण तेजी से काम कर सकता है। ये दर्द से राहत दिलाता है और आपको बेहतर महसूस करवाता है।
यूरिक एसिड की समस्या में आपको रोजाना 8 से 10 पुदीने की पत्तियों को लेना है। फिर इसे धो कर चबाएं। आप चाहें तो यूरिक एसिडी की समस्या में पुदीने की चाय भी पी सकते हैं।
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