विटामिन डी (vitamin D), शरीर की हड्डियों के निर्माण और स्वस्थ टिशूज हेल्दी रखने के लिए बेहद जरूरी है। ऐसा इसलिए कि जब आपके शरीर में विटामिन की सही मात्रा रहती है तो आपका शरीर कैल्शियम और फास्फोरस का उपयोग कर पाता है और हड्डियों को स्वस्थ रख पाता है। इतना ही नहीं आपकी मांसपेशियों और त्वचा की बनावट को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए, शरीर में विटामिन डी कमी होते ही इनसे जुड़े अंगों में बदलाव (Signs of vitamin D deficiency) नजर आने लगते हैं। कैसे, जानते हैं।
कई बार आपने देखो होगा कुछ लोग शरीर से मोटे होते हैं पर उनका वजन कम होता है। तो, कुछ लोग बिलकुल पतले होते हैं पर वजन ज्यादा होता है। दरअसल, ये दोनों ही बॉन डैंसिटी (bone density) के कारण होता है। दरअसल, जब आपकी हड्डियों का भार कम होता है तो बॉन डैंसिटी कम होती है। ये विटामिन डी की कमी का संकेत हो सकता है। दरअसल, विटामिन डी की कमी से हड्डियां कैल्शिम और फास्फोरस नहीं ले पातीं और कमजोर होने लगती हैं। इससे बॉन डैंसिटी कम होती है।

आपकी त्वचा की रंगत का बदलना या डार्क स्किन टोन भी विटामिन डी की कमी का संकेत हो सकता है। दरअसल, त्वचा में मेलेनिन की ज्यादा मात्रा विटामिन डी की कमी से जुड़ा हुआ हो सकता है।
विटामिन डी की कमी के साथ, आपकी आंतों द्वारा कैल्शियम और फास्फोरस के अवशोषण में गिरावट से हाइपोकैल्सीमिया यानी आप कैल्शियम की कमी के शिकार हो सकते हैं। इसके कारण आपको अपनी मांसपेशियों में अकड़न महसूस हो सकती है, जो रह रह कर आपको परेशान कर सकती है।
जब शरीर में विटामिन डी कमी होती है, तो कैल्शियम का अवशोषण कम हो जाता है। ये हाइपरपरथायरायडिज्म की ओर ले जाता है जो कि हार्मोन्स को प्रभावित करती है। इस तरह ये हार्मोनल हेल्थ को अंसतुलित करके लगातार मूड स्विंग्स का कारण बन सकती है।
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