1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. ICMR की चौंकाने वाली रिपोर्ट, 61% मौत की वजह बन रही हैं ये 8 घातक बीमारी, बाबा रामदेव से जानें कैसे सुधारें लाइफस्टाइल

ICMR की चौंकाने वाली रिपोर्ट, 61% मौत की वजह बन रही हैं ये 8 घातक बीमारी, बाबा रामदेव से जानें कैसे सुधारें लाइफस्टाइल

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Aug 26, 2025 10:46 am IST,  Updated : Aug 26, 2025 10:46 am IST

लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। खतरनाक बात ये है कि अब इन बीमारियों को ठीक करना भी मुश्किल होता जा रहा है। ICMR की लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि 61% मौत की वजह ये 8 घातक डिजीज बन रही हैं। बाबा रामदेव से जानिए कैसे सुधारें लाइफस्टाइल?

लाइफस्टाइल डिजीज- India TV Hindi
लाइफस्टाइल डिजीज Image Source : FREEPIK

सही होने वाली लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां भी अब ठीक नहीं हो पा रही हैं। 100 में 99 लोगों के लाइफस्टाइल रोग क्रोनिक हो रहे हैं। हाल ये है कि तीन से चार साल बाद, 70 परसेंट जान जाने की वजह सिर्फ क्रॉनिक लाइफ स्टाइल डिजीज होंगी। जी हां ICMR की रिपोर्ट के मुताबिक तो इस वक्त भी 61% जान जाने की वजह नॉन कॉम्यूनिकेबल डिजीज हैं। उत्तर भारत के मैदानी हिस्सों में जहां शुगर,बीपी,स्ट्रोक तेजी से बढ़ रहे हैं, तो वहीं दक्षिण भारत में मोटापा बड़ी परेशानी बन गया है। 

बेशक मॉर्डन मेडिकल साइंस काफी तरक्की कर गई हो, हेल्थ फैसिलिटीज भी दिनों दिन बेहतर हो गई हैं, लेकिन ये भी एक सच है कि लोग पहले से ज्यादा बीमार पड़ रहे  हैं। रोगों से लड़ने की क्षमता दिनों दिन खत्म हो रही है। ऐसे में अपनी लाइफस्टाइल को सुधारने की कोशिश करें और लंबी उम्र पाने के लिए स्वामी रामदेव के बताए आयुर्वेदिक उपाय और योग को अपनाएं।

रोगों का जाल, हो जाएं सावधान!

उत्तर भारत में तेजी से शुगर की बामारी, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या और स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है। वहीं दक्षिण भारत के लोगों में मोटापा बड़ी समस्या बन गया है। यहां ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर का खतरा भा पनप रहा है। पूर्वोत्तर भारत में 30% लोग बीपी की गिरफ्त में हैं। 

सेहत का रखें ख्याल 

ऐसे में अगर लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों से बचना है तो डाइट का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। वक्त पर खाना खाएं। खाने में हेल्दी डाइट को शामिल करें। अपना वजन कंट्रोल रखें और रोजाना कुछ देर व्यायाम और योग के लिए जरूर निकाल लें। WHO के मुताबिक रोजाना वर्कआउट करने से 80% क्रोनिक बीमारी का रिस्क कम हो जाता है।

फास्टिंग का सही तरीका 

अगर आप फास्टिंग करते हैं तो इससे शरीर डिटॉक्स होता है। हालांकि सही तरीके से फास्टिंग करना जरूरी है। फास्टिंग के दौरान सॉलिड ना खाएं, नारियल पानी पीएं, लौकी जूस पीएं, पेठे का जूस पीएं, सब्जियों का जूस ले सकते हैं। 

किसे फास्टिंग नहीं करनी चाहिए?

अगर आप डायबिटिक हैं तो फास्टिंग करने से बचना चाहिए। जिन लोगों की हाल में कोई सर्जरी हुई है या शरीर में खून की कमी है उन्हें भी व्रत करने से बचना चाहिए। जिन्हें किडनी-लिवर की समस्या है उन्हें भी फास्टिंग से प्रॉब्लम हो सकती है।

हार्ट और शुगर की बीमारी को कैसे कंट्रोल करें

शुगर के मरीज को खीरा-करेला-टमाटर का जूस पीना चाहिए। इसके अलावा गिलोय का काढ़ा पीएं, मंडूकासन- योगमुद्रासन करें और रोजाना 15 मिनट कपालभाति करना फायदेमंद है। हार्ट को मजबूत बनाने के लिए 1 चम्मच अर्जुन की छाल, 2 ग्राम दालचीनी और 5 तुलसी के पत्ते डालकर काढ़ा बनाएं और रोजाना पीएं। इससे दिल मजबूत होगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।