Meningitis day 2023: मैनिंजाइटिस एक ऐसी बीमारी है जो आपकी ब्रेन को प्रभावित करता है। मेनिनजाइटिस, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के आसपास के तरल पदार्थ और झिल्लियों का संक्रमण और सूजन है। इन झिल्लियों को मेनिन्जेस कहा जाता है। मेनिनजाइटिस से होने वाली सूजन आमतौर पर सिरदर्द, बुखार और गर्दन में अकड़न जैसे लक्षण पैदा करती है। लेकिन, सवाल ये है कि ये बीमारी होती कैसे है, क्या है इसका कारण और कैसे करें बचाव। जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
बैक्टीरिया जो खून में प्रवेश करते हैं और मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी तक जाते हैं ये बैक्टीरियल मैनिंजाइटिस का कारण बनते हैं। ये बैक्टीरिया साइनस और निमोनिया की वजह से हो सकता है।
क्रोनिक मैनिंजाइटिस (Chronic meningitis) जो लंबे समय तक रहता है फंगस और माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जैसे धीमी गति से बढ़ने वाले जीवों के कारण हो सकता है। ये मस्तिष्क के आसपास की झिल्लियों और तरल पदार्थ पर आक्रमण करते हैं। क्रोनिक मैनिंजाइटिस दो सप्ताह या उससे अधिक समय में विकसित होता है। इसके अलावा ये इन्फ्लूएंजा वायरस की वजह से भी हो सकता है जो कि आपके ब्रेन तक पहुंच सकता है।

मैनिंजाइटिस के अन्य कारणों की बात करें तो इसमें शामिल है गर्म में मां से बच्चे को होने वाला फीटल मैनिंजाइटिस। दूसरा, ये हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस, एचआईवी, मम्प्स वायरस, वेस्ट नाइल वायरस और अन्य वायरस की वजह से भी हो सकता है।
मैनिंजाइटिस की वजह से शरीर में कई सारे लक्षण नजर आ सकते हैं। जैसे तेज बुखार जो ब्रेन में इंफेक्शन की वजह से जुड़ा हुआ हो सकता है। इसके अलावा रीढ़ की हड्डी के पास तरह पदार्थ का जमा होना, सिर में दर्द रहना, गले में अकड़न, उल्टी, दौरे पड़ना, रोशनी के प्रति सेंसिटिव होना, भूख न लगना और छोटे बच्चों में कई सारी समस्याएं।
मैनिंजाइटिस से बचाव के लिए आपको अपनी हाइजीन का खास ख्याल रखना चाहिए। जैसे कि अपने हाथों की साफ-सफाई का खास ख्याल रखें। दूसरा, खांसने औल छींकने के दौरान मास्क पहनें। इसके अलावा ध्यान रखें कि सामान्य बैक्टीरिया या वायरस जो मेनिनजाइटिस का कारण बन सकते हैं, खांसने, छींकने, किस करने या खाने के बर्तन, टूथब्रश या सिगरेट शेयर करने से भी फैल सकते हैं। इसलिए इन बातों का खास ख्याल रखें। साथ ही छोटे बच्चों को इसका टीका लगवा लें।
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