खाने की चीजों में बड़ी मात्रा में मिलावट हो रही है। सिर्फ ठेले पर और खुले में मिलने वाले भोजन ही खराब नहीं है बल्कि कई बड़े ब्रांड्स भी खाने के सही पैमाने पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। हाल ही में FSSAI ने छापेमारी की जिसमें 8 बड़ी फूड कंपनियों के खाने में किसी न किसी तरह की कमी पाई गई। यूपीएससी इंडिया ऑफिशियल ने अपने इंस्टाग्राम पर ये वीडियो शेयर किया है। जिसमें कहीं कोयले जैसे काले तेल में खाना बार-बार फ्राई किया जा रहा है तो कहीं खतरनाक रंगों को इस्तेमाल हो रहा है। किसी की सॉस में मिलावट है तो कहीं खराब हो रही मायोनीज का उपयोग किया जा सकता है।
FSSI की छापेमारी में पिज्जा बर्गर फेल
एफएसएसएआई की ओर से भारत में 10 बड़े फूड ब्रांड्स की रसोई में अचानक छापेमारी की गई। जिसमें से 36 सैंपल फूड सेफ्टी के स्केल पर फेल पाए गए। इसमें बड़े ब्रांड के पिज्जा में इस्तेमाल होने वाली सॉस में नॉन फूड ग्रेड आइटम मिले हैं। बर्गर के टॉप ब्रांड्स में बर्गर में डाली जाने वाली मायोनीज में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए। फ्रेंच फ्राइज में आर्टिफिशियल रंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। खाने को उसी तेल में बार-बार फ्राई किया जा रहा है। पिज्जा के बड़े ब्रांड में एक्सपायरी चीजों का इस्तेमाल हो रहा है। मोमज बनाने में गंदे पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है और सारे हाइजीन लेवल फेल पाए गए। बिरियानी में आर्टिफिशियल रंग और फ्लेवर का इस्तेमाल हद से ज्यादा किया जा रहा है।
बाहर का खाना है सबसे खतरनाक
अब आप सोचिए कि ऐसा सिर्फ एक जगह पर छापेमारी के दौरान पता चला है। अगर पूरे देश में खाने को लेकर ऐसी छापेमारी की जाए तो न जाने कितने सैंपल फेल पाए जाएंगे। ये खाना आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में अगर आप भी बाहर का खाना खाते हैं और ये सोचकर खाते हैं कि ये खाना आपके शरीर को नुकसान नहीं करेगा, तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। इस तरह का खाना खाने से फूड पॉयजनिंग, पेट खराब, गैस एसिडिटी, पेट दर्द से लेकर कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए जितना हो सके घर पर बना खाना ही खाएं। जिसे आप खुद और साफ तरीके से तैयार करते हों।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)