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सेनारी नरसंहार केस में 15 दोषी, 23 बरी, 34 लोगों की हुई थी हत्या

 Written By: Bhasha
 Published : Oct 27, 2016 06:36 pm IST,  Updated : Oct 27, 2016 07:24 pm IST

बिहार के जहानाबाद जिला की एक अदालत ने 17 साल पुराने सेनारी नरसंहार कांड के 15 आरोपियों को दोषी करार दिया जबकि 23 अन्य को साक्ष्य के अभाव में बरी घोषित कर दिया।

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जहानाबाद: बिहार के जहानाबाद जिला की एक अदालत ने 17 साल पुराने सेनारी नरसंहार कांड के 15 आरोपियों को दोषी करार दिया जबकि 23 अन्य को साक्ष्य के अभाव में बरी घोषित कर दिया। सेनारी गांव में एक जाति विशेष के 34 लोगों की हत्या की गई थी।

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अतिरिक्त जिला जज (तृतीय) रंजित कुमार सिंह ने माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर द्वारा एक जाति विशेष के उक्त नरसंहार मामले में 15 आरोपियों को दोषी करार दिया जबकि 23 अन्य को साक्ष्य के अभाव में बरी घोषित किया। इस मामले में अदालत द्वारा आगामी 15 नवंबर को सजा सुनायी जाएगी। 

करीब 17 वर्ष पूर्व 18 मार्च 1999 को तत्कालीन जहानाबाद जिले (वर्तमान के अरवल जिले) के करपी थाना क्षेत्र के सेनारी गांव में धावा बोलकर एक जाति विशेष के 34 लोगों को एक स्थान पर ले जाकर गर्दन रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले में सात अन्य व्यक्ति जख्मी हो गए थे। हत्या का आरोप नक्सली संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) पर लगा था। 

इस मामले में गांव की ही चिंता देवी के बयान पर गांव के 14 लोगों सहित 50 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया था। चिंता देवी के पति और उसके पुत्र की भी इस घटना में हत्या कर दी गई थी। उल्लेखनीय है कि चिंता देवी की मौत हो चुकी है। इस मामले की सुनवाई के दौरान 32 गवाहों ने अपनी गवाही दी। 

​इस मामले में 74 लोगों के खिलाफ 2002 में आरोपपत्र दायर किया गया तथा 56 के खिलाफ ट्रायल शुरू किया गया जबकि 18 अन्य फरार थे। बाद में अदालत द्वारा 45 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र गठित किया गया जिनमें दो की मामले की सुनवाई के दौरान मौत हो गयी तथा पांच अन्य लापता हैं। 

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