किशनगंज: एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर नागरिकता संशोधन कानून, राष्ट्रीय नागरिक पंजी और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। ओवैसी ने यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री इन कदमों से देश को बांटना चाहते हैं तथा संविधान को नष्ट कर रहे हैं।
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ओवैसी ने यहां रुइधासा मैदान में ‘संविधान बचाओ’ आंदोलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीएए, एनपीआर और एनआरसी पर जनता को गुमराह कर रहे हैं। मोदी एक बार फिर सीएए, एनआरसी और एनपीआर जैसे कदमों के जरिये देश को बांटना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि “एनपीआर और एनआरसी में कोई अंतर नहीं है। अगर हम आज चुप रहे तो आने वाली पीढ़ियों को जवाब देना होगा।”
एआईएमआईएम अध्यक्ष ने कहा कि मुसलमानों ने भारत में रहने का रास्ता अपनाकर देशभक्त होने का प्रमाण दिया था लेकिन प्रधानमंत्री इसी समुदाय से नागरिकता साबित करने को कह रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आपके मन में मुसलमानों के प्रति इतनी नफरत क्यों है, नरेंद्र मोदी जी? आपको हमारी देशभक्ति पर शक क्यों है?’’ उन्होंने संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक पर जदयू के समर्थन को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी आलोचना की।
इससे पहले शनिवार को ओवैसी ने दावा किया किया “गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि एनपीआर और एनआरसी के बीच कोई अंतर नहीं है। मैं आपको बता रहा हूं कि एनपीआर और एनआरसी एक ही सिक्के के दो पहलु हैं। एनपीआर और एनआरसी के नियम समान हैं।"