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ओवैसी का मोदी सरकार पर हमला, कहा-एनपीआर और एनआरसी एक ही सिक्के के दो पहलु

Edited by: IndiaTV Hindi Desk Published : Dec 28, 2019 12:12 pm IST, Updated : Dec 28, 2019 12:12 pm IST

हैदराबाद के पास निजामाबाद में मुसलमानों को उन्होंने नागरिकता कानून के साथ साथ राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का भी डर दिखाया।

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ओवैसी का मोदी सरकार पर हमला, कहा-एनपीआर और एनआरसी एक ही सिक्के के दो पहलु

हैदराबाद: जुमे के दिन, 27 दिसम्बर 7 दिनों में चौथी बार एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने नागरिकता कानून के खिलाफ रैली किया। हैदराबाद के पास निजामाबाद में मुसलमानों को उन्होंने नागरिकता कानून के साथ साथ राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का भी डर दिखाया। ओवैसी ने कहा है कि राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) एक ही सिक्के के दो पहलु हैं। ओवैसी कहते हैं वो किसी से डरते नहीं लेकिन वो मुसलमानों को डर दिखाने में जरा भी पीछे नहीं रहते। ओवैसी बार-बार कहते हैं कि देश की हुकूमत को चला रहे लोग संविधान को बदलना चाहते हैं और उनका ख्वाब मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बना देना है। मतलब सीधा हमला उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर होता है।

ओवैसी ने दावा किया, “गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि एनपीआर और एनआरसी के बीच कोई अंतर नहीं है। मैं आपको बता रहा हूं कि एनपीआर और एनआरसी एक ही सिक्के के दो पहलु हैं। एनपीआर और एनआरसी के नियम समान हैं। उन्होंने कहा, “ये नियम नागरिकता कानून, 1955 के मुताबिक बनाए गए हैं, जिसमें एनपीआर और एनआरसी का जिक्र है, अगर देश में एनपीआर होगा तो एनआरसी भी होगा।” 

वह विवादों में घिरे संशोधित नागरिकता कानून, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ जारी अपने अभियान के तहत शुक्रवार की रात निजामाबाद में प्रदर्शन बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भाजपा नेताओं पर इस मामले में टीवी चैनलों के जरिए ‘दुष्प्रचार’ करने का आरोप लगाया। कुछ भाजपा नेताओं द्वारा यह कहने पर कि एनपीआर की प्रक्रिया 2010 में तत्कालीन संप्रग सरकार द्वारा भी कराई गई थी, का संदर्भ देते हुए ओवैसी ने कहा कि 2010 और 2020 के एनपीआर में अंतर पूछे जाने वाले सवालों का है। 

उन्होंने दावा किया कि 2020 के एनपीआर में परिजनों के जन्म स्थान और जन्मतिथि को लेकर भी सवाल पूछे जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर राजग सरकार की मंशा साफ होती तो वह पहले एनपीआर और एनआरसी की प्रक्रिया कराते और उसके बाद संशोधित नागरिकता कानून लाते। ओवैसी ने प्रदर्शन बैठक में कहा, “मोदी संशोधित नागरिकता कानून क्यों लाए? वह इसे इसलिए लेकर आए क्योंकि अब एनपीआर की प्रक्रिया होगी।” 

इस बैठक में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के विधायक, वामपंथी एवं अन्य दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। हालांकि, विपक्षी कांग्रेस ने घोषणा की थी कि वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होगी। ओवैसी के अलावा संयुक्त मुस्लिम कार्य समिति के प्रतिनिधियों ने 25 दिसंबर को मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से मुलाकात की थी और उनसे केरल की ही तरह तेलंगाना में भी राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) को अद्यतन किए जाने का कार्य रोकने का अनुरोध किया था।

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