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असम-मिजोरम सीमा विवाद: असम पुलिस के 6 जवान शहीद, अमित शाह ने दोनों राज्यों के CM से की बात

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 26, 2021 07:59 pm IST,  Updated : Jul 26, 2021 10:16 pm IST

असम-मिजोरम सीमा पर झड़प में असम पुलिस के 6 जवान शहीद हो गए हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने इस घटना पर ट्वीट कर दुख जताया है।

असम-मिजोरम सीमा पर झड़प में असम पुलिस के 6 जवान शहीद, कक्षार के एसपी घायल- India TV Hindi
असम-मिजोरम सीमा पर झड़प में असम पुलिस के 6 जवान शहीद, कक्षार के एसपी घायल Image Source : AP FILE PHOTO

नई दिल्ली। असम-मिजोरम सीमा पर झड़प में असम पुलिस के 6 जवान शहीद हो गए हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने इस घटना पर ट्वीट कर दुख जताया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि शहीद पुलिस जवानों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। असम में कछार जिले के एसपी निंबालकर वैभव चंद्रकांत के पैर में भी गोली लगने की खबर आ रही है। 

एक अधिकारी के बयान के मुताबिक, असम के कछार जिले के पुलिस अधीक्षक निंबालकर वैभव चंद्रकांत, मिजोरम की ओर से उपद्रवियों द्वारा की गई गोलीबारी में घायल, उनके पैर में गोलियां लगीं। सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा विवाद पर असम और मिजोरम के मुख्यमंत्रियों से बात की और शांति सुनिश्चित करने के लिये कहा है। असम और मिजोरम के बीच सीमा विवाद को लेकर दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से इस मामले में दखल देने की मांग की है। 

असम-मिजोरम की विवादित सीमा के पास संघर्ष के बाद तनाव बढ़ गया है। वहीं, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोमवार को एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए और एक-दूसरे की पुलिस को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया। दोनों ने केंद्र से मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने ट्विटर पर कहा कि उन्होंने मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा से बात की है और उनकी पुलिस शांति बनाए रखेगी। जोरामथांगा ने असम पुलिस पर लाठीचार्ज करने और आंसू गैस के गोले छोड़ने के आरोप लगाए जबकि असम की पुलिस ने दावा किया कि मिजोरम से बड़ी संख्या में ‘‘बदमाशों’’ ने पथराव किया और असम सरकार के अधिकारियों पर हमला किया। असम की बराक घाटी के जिले कछार, करीमगंज और हाइलाकांडी की 164 किलोमीटर लंबी सीमा मिजोरम के तीन जिलों आइजोल, कोलासीब और मामित के साथ लगती हैं। जमीन विवाद के बाद के अगस्त 2020 और इस वर्ष फरवरी में अंतरराज्यीय सीमा के पास संघर्ष हुए। 

मिजोरम के पुलिस महानिरीक्षक (उत्तरी रेंज) लालबियाकथांगा खियांगते ने कहा कि विवादित क्षेत्र में ऐटलांग नदी के पास कम से कम आठ झोपड़ियों में रविवार की रात साढ़े 11 बजे आग लगा दी गई। उन्होंने बताया कि इन झोपड़ियों में कोई नहीं था। उन्होंने बताया कि ये झोपड़ी असम के नजदीकी सीमावर्ती गांव वायरेंगटे के किसानों की है। असम के स्थानीय लोगों ने आरोप लगाए कि अपराधी लाठी, डंडे, लोहे की छड़ और राइफल लिए हुए थे और उन्होंने ललितपुर में असम पुलिस के कर्मियों पर हमला किया और कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसमें उपायुक्त कार्यालय के वाहन भी शामिल थे। 

जोरामथांगा ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें असम के पुलिसकर्मियों और डंडे लिए हुए युवकों के समूह के बीच संघर्ष हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यालय, सरमा और असम के कछार जिले के अधिकारियों को टैग करते हुए लिखा, ‘‘अमित शाह जी... कृपया मामले को देखें। इसे तुरंत रोकने की जरूरत है।’’ जोरामथांगा ने एक अन्य ट्वीट में कछार से मिजोरम लौट रहे एक ‘‘निर्दोष दंपति’’ पर कथित हमले की बात भी कही। उन्होंने पूछा, ‘‘इन हिंसक कृत्यों को आप कैसे उचित ठहरा सकते हैं?’’ 

असम पुलिस ने मिजोरम के मुख्यमंत्री के आरोपों का प्रतिवाद करते हुए कहा कि मिजोरम के लोगों ने इसके कर्मियों पर हमला किया और पथराव किया। इसने ट्वीट किया, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मिजोरम से काफी संख्या में बदमाशों ने पथराव किया और असम सरकार के अधिकारियों पर हमले किए, जो ललितपुर में असम की जमीन को अतिक्रमण से बचाने के लिए ठहरे हुए हैं।’’ असम पुलिस ने भी कहा, ‘‘हम तोड़फोड़ की इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हैं और असम की सीमा की रक्षा करने के अपने संकल्प को दोहराते हैं।’’ 

असम के मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘माननीय मुख्यमंत्री जोरामथांगा जी कोलासिब (मिजोरम) के पुलिस अधीक्षक हमसे अपनी चौकियों से हट जाने के लिए कह रहे हैं, अन्यथा उनके नागरिक न तो सुनेंगे, न ही हिंसा रोकेंगे।’’ एक वीडियो ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की परिस्थितियों में हम सरकार कैसे चलाएंगे? उम्मीद है अमित शाह, प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द से जल्द हस्तक्षेप करेंगे।’’ सरमा ने कहा कि उन्होंने मिजोरम के मुख्यमंत्री से बात की है और कहा कि असम पुलिस सीमा पर यथास्थिति तथा शांति बनाए रखेगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने तुरंत माननीय मुख्यमंत्री जोरामथांगा जी से बात की। मैंने कहा है कि असम सीमा पर यथास्थिति तथा शांति बनाए रखेगा। मैंने आइजोल का दौरा करने और जरूरत पड़ने पर इन मुद्दों पर चर्चा करने की इच्छा जताई है।’’ 

बहरहाल जोरामथांगा ने फिर ट्वीट किया, ‘‘प्रिय हिमंत जी, माननीय अमित शाह जी द्वारा मुख्यमंत्रियों के साथ सौहार्दपूर्ण बैठक के बाद आश्चर्यजनक रूप से असम पुलिस की दो कंपनियां नागरिकों के साथ पहुंचीं और मिजोरम के अंदर आज वेयरेंगटे ऑटो रिक्शा स्टैंड पर मौजूद नागरिकों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। उन्होंने सीआरपीएफ कर्मियों/मिजोरम पुलिस से भी संघर्ष किया।’’ मिजोरम के मुख्यमंत्री ने सरमा से अपील की कि असम पुलिस को निर्देश दें कि वह वायरेंगटे से हट जाए। असम में फिलहाल भाजपा की सरकार है जबकि मिजोरम में भाजपा नीत पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन (नेडा) में शामिल मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) की सरकार है। 

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