हैदराबाद: एक साल से ज्यादा समय तक लीबिया में बंधक बने रहने के बाद प्रोफेसर बलराम किशन की रिहाई से उनके परिजन को सुकून और खुशी मिली है। किशन उन संकाय सदस्य में से एक थे, जिन्हें लीबिया में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों ने एक साल पहले बंधक बना लिया था। किशन की पत्नी श्रीदेवी ने पीटीआई-भाषा को बताया, हमें मध्यरात्रि के करीब विदेश मंत्रालय, लीबिया सरकार के अधिकारियों और अन्य से यह जानकारी मिली कि उन्हें :किशन को: छुड़ा लिया गया है। मेरे पति ने मुझसे आज सुबह कुछ सेंकंड के लिए बात भी की। उन्होंने बच्चों, मेरे और परिवार के अन्य लोगों के बारे में जानकारी ली।
लीबिया के सिर्ते विश्वविद्यालय में पढ़ा रहे दो भारतीय प्रोफेसरों का पिछले साल जुलाई में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों ने बंधक बना लिया था। बलराम का पूरा परिवार सिकंदराबाद में रहता है। परिवारवाले उनके हैदराबाद पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। श्रीदेवी ने कहा, मुझे अब सौ फीसदी सुकून मिल गया है। हमलोग और अधिक जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इन लोगों के बारे में ट्विट करके जानकारी दी थी। उन्होंने कहा, मुझे यह जानकारी देते हुए काफी खुशी हो रही है कि 29 जुलाई 2015 से लीबिया में बंधक बनाए गए टी. गोपालकृष्णा :आंध्रप्रदेश: और सी. बलराम किशन :तेलंगाना: को सुरक्षित छुड़ा लिया गया है।