बुलंदशहर में गैंगरेप की पीडित महिला के पति ने धमकी दी है कि अगर तीन महीने में इंसाफ़ नहीं मिला तो पूरा परिवार खुदकुशी कर लेगा। नैशनल हाईवे 91 पर हुए गैंगरेप के पीड़ित परिवार का मुखिया ने मीडिया को आपबीती सुनाते हुए कहा कि शुक्रवार की रात छह से सात बदमाशों ने उन्हें बंधक बनाया और पत्नी और बेटी को खेतों में ले गये। बेटी कराटे जानती थी लेकिन बदमाशों ने घरवालों को गोली मारने की धमकी की वजह से उसने कोई विरोध नहीं किया।
पीढ़ित महिला के पति ने कहा कि बताया कि कहा कि अब हम बस यही चाहते हैं कि सज़ा उन्हें हमारी पत्नी और बेटी ही देगी अगर सज़ा नहीं मिली तो, 3 महीने का पुलिस ने टाइम दिया है। 3 महीने के अंदर अगर सज़ा नहीं मिली, तो तीनों सुसाइड ही करेंगे। ना हमें पैसा चाहिए, ना कुछ और चाहिए, हमें न्याय चाहिए।
मजबूर पति के सामने उसकी पत्नी की इज्जत तार-तार कर दी गई
29 जुलाई को देर शाम नोएडा में रहने वाला ये परिवार अपने रिश्तेदार की तेरहवीं में शामिल होने के लिए निकला था। कार में दो भाई, दोनों की पत्नी...छोटे भाई की तेरह साल की बेटी और बड़े भाई का बेटा था। इन्हें इस बात का जरा भी एहसास नहीं था कि थोड़ी ही देर में उनके साथ ऐसा कुछ होने वाला है जिसका दर्द उन्हें ताउम्र झेलना पड़ेगा। सात से आठ बदमाशों ने कार में सवार पूरे परिवार को गन प्वाइंट पर बंधक बना लिया... पीड़ित परिवार की मानें तो दो बदमाश कार में जबरन दोनों महिलाओं और बच्ची को साथ ले गए जबकि परिवार के बाकी सदस्यों को बंधक बनाकर खेत में ले जाकर मारा-पीटा।
'हम बेबस थे, हमारे हाथ बंधे थे'
हम तीनों लोगों को दो मिनट के अंदर बांधकर वो कच्चे रास्ते से ले गए, गाड़ी में हमारी मिसेज और बेटी रह गईं थी। वहां से करीब पांच-छह सौ मीटर आगे जाकर धान, ज्वार के खेत में ले जाकर हम तीनों को हाथ-पैर बांध कर उलटा डाल दिया गया। पानी तक मांगने पर मारपीट की। इस बीच बदमाशों की बुरी नज़र परिवार की तेरह साल की बच्ची और उसकी मां पर पड़ी, अपनी मां और परिवार के बाकी लोगों को बचाने के लिए तेरह साल की बच्ची ने बदमाशों से मुकाबला किया। पिता की मानें तो उनकी बेटी मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग लेती है...वो करीब आधे घंटे तक बदमाशों से जूझती भी रही... जब बदमाश उससे जीत नहीं सके, तो उन्होंने उसके भाई और पिता को गोली मारने की धमकी दी...जिसके बाद लड़की की हिम्मत जवाब दे गई...
इसके बाद हाईवे के हैवानों ने पूरे परिवार के सामने तेरह साल की बच्ची और उसकी मां की इज्जत तार-तार कर दी... बदमाश अपनी हैवानियत को अंजाम देने के बाद पैसे और जेवर लूटकर फरार हो गए। पीडित परिवार बार बार 100 नंबर पर डायल कर रहा था लेकिन यूपी पुलिस ने फोन नहीं उठाया।
'100 नंबर पर रिस्पॉंस नहीं मिला'
चार बजकर एक मिनट पर हमने 100 नंबर पर कॉल किया है। वो बिजी जा रहा था। उसके बाद चार-पांच बार बेल गई है, किसी ने 100 नंबर वालों ने उठाया नहीं। उसके बाद हमारे मित्र नोएडा में रहते हैं, उन्हें हमने कॉल किया तो उन्होंने वहां का हमें नंबर दिया, उस नंबर पर कॉल किया है, उसके बाद हमारे पास पीसीआर पहुंची।
चौकाने वाली बात तो ये है कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने भी पीड़ित महिलाओं का इलाज करने की बजाय उनका अपमान किया और पूरे मामले को झूठा करार देते हुए पीड़ित परिवार को धमकाया गया। सरकारी अस्पताल में अभद्रता करने वाला कोई और नहीं बल्कि एक लेडीज डॉक्टर थी हालांकि अब वो डॉक्टर सफाई दे रही है कि उन्होंने पीड़ितों का पूरा ख्याल रखा था।
'शर्मिंदगी में पूरा परिवार'
हमने अपना घर छोड़ दिया है। पूरी मीडिया को पता है। हम घर नहीं जा रहे हैं। दोस्त के यहां हैं, वहां भी उन्होंने रहने के लिए आज मना कर दिया।18 साल से नोएडा में रह रहे हैं। अब किस मुंह से रहेंगे। अगर सज़ा नहीं मिली तो, 3 महीने का पुलिस ने टाइम दिया है। 3 महीने के अंदर अगर सज़ा नहीं मिली, तो तीनों सुसाइड ही करेंगे।
हालांकि पुलिस ने पीड़ितों की निशानदेही पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन वारदात के मास्टरमाइंड समेत दूसरे आरोपियों को पकड़ना और उन्हें सजा दिलाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।