नई दिल्ली: एचआईवी प्रभावित और एड्स पीड़ितों के हितों की रक्षा करने वाले मसौदा कानून को और मजबूत करते हुए सरकार ने इसमें संशोधन को आज मंजूरी दे दी ताकि ऐसे लोगों के साथ भेदभाव करने वालों के खिलाफ शिकायतों की जांच के लिए एक औपचारिक तंत्र स्थापित किया जा सके और कानूनी जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
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केंद्रीय कैबिनेट ने एचआईवी से संक्रमित लोगों के साथ रह रहे और एचआईवी से प्रभावित लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए एचआईवी एवं एड्स विधेयक, 2014 को मंजूरी दी।
विधेयक में उन बातों को सूचीबद्ध किया गया है जिनके आधार पर एचआईवी से संक्रमित लोगों और उनके साथ रह रहे लोगों के साथ भेदभाव करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
इनमें रोजगारों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं, निवास के लिए या किराए पर दी गई संपत्तियों, सार्वजनिक या निजी कार्यालयों के लिए खड़े होने और बीमा के प्रावधान (जब तक कि वह बीमा विज्ञान संबंधी अध्ययनों पर आधारित न हो) के संबंध में अस्वीकृति, समाप्ति या अनुचित व्यवहार शामिल है।