1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. पीने के पानी के लिए तरसा चंडीगढ़, मोहाली और पंचकुला भी बेहाल

पीने के पानी के लिए तरसा चंडीगढ़, मोहाली और पंचकुला भी बेहाल

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jul 24, 2016 06:48 pm IST,  Updated : Jul 24, 2016 06:48 pm IST

जलापूर्ति प्रणाली में गड़बड़ी के चलते रविवार को चंडीगढ़ और इसके पड़ोसी शहरों मोहाली और पंचकुला को पीने के पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है।

water- India TV Hindi
water

चंडीगढ़: जलापूर्ति प्रणाली में गड़बड़ी के चलते रविवार को चंडीगढ़ और इसके पड़ोसी शहरों मोहाली और पंचकुला को पीने के पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है। जलापूर्ति प्रणाली में यह गड़बड़ी चंडीगढ़ से 30 किलोमीटर दूर कजौली वाटर वर्क्‍स में हुई। यहीं से चंडीगढ़ और चंडीगढ़ से सटे पंजाब और हरियाणा के दो कस्बों क्रमश: मोहाली व पंचकुला को जलापूर्ति होती है। जलकल विभाग में पानी के पाइप का हेडर फट जाने से यह समस्या पैदा हुई और पंप हाउस पानी से भर गया। इससे पंप हाउस के मोटर भी खराब हो गए हैं।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्हें शनिवार की शाम और रविवार की सुबह भी पानी नहीं मिला है। चंडीगढ़ के सेक्टर-46 के रहने वाले अरुण कुमार ने बताया, "पीने के लिए बिल्कुल भी पानी नहीं है। जितना पानी है उसमें चाहे एक बार नहाया जा सकता है या दूसरे काम निपटाए जा सकते हैं। छत पर रखी पानी की टंकी खाली हो चुकी है। नगर निगम और चंडीगढ़ प्रशासन सो रहा है। इस तरह की आपात स्थिति के लिए उनके पास कोई वैकल्पिक प्रबंध नहीं है।"

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी कर्मचारी पाइप को ठीक करने में लगे हुए हैं। सोमवार से पहले दोबारा जलापूर्ति शुरू होना संभव नहीं लग रहा है। रविवार की सुबह कम दबाव के साथ चंडीगढ़, मोहाली और पंचकुला के कुछ हिस्सों में जलापूर्ति की गई। चंडीगढ़ नगर निगम के मुख्य इंजिनीयर एन. पी. शर्मा ने बताया कि निगम के अधिकारी और जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तथा निगम की जलापूर्ति इकाई मरम्मत कार्य पर नजर रखे हुए हैं। चंडीगढ़ का दक्षिणी बेहद घना बसा हिस्सा पेयजल की कमी के संकट से सर्वाधिक प्रभावित इलाका है।

सेक्टर-49 की रहने वाली पूजा शर्मा ने बताया, "पानी नहीं आया है और अधिकारियों ने लोगों को इस बारे में सूचित करने की जहमत तक नहीं उठाई। यहां जलापूर्ति की कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है, जबकि चंडीगढ़ को देश का सबसे आधुनिक और सबसे सुनियोजित शहर माना जाता है। यहां तक ताजे पानी को साफ करने वाले प्यूरीफायर तक काम नहीं कर रहे और हमारे पास पीने तक के लिए पानी नहीं है। हमें पीने के लिए बाजार से पानी की बोतलें खरीदनी पड़ीं।"

शहर के उत्तरी इलाके की भी कमोबेश यही कहानी है। सेक्टर-7 के निवासी पंकज धवन ने बताया, "न तो पानी की आपूर्ति की गई है और न ही किसी अन्य तरह की मदद की व्यवस्था है। सरकारी पानी के टैंकर सिर्फ अधिकारियों के घरों को पानी पहुंचा रहे हैं।" नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि निजी टैंकर सहित कुल 37 टैंकर पानी की आपूर्ति पर लगाए गए हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत