देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यमुना और गंगा घाटियों में बादल फटने से दो गांव तबाह हो गए। अधिकारियों का कहना है कि दर्जनभर से अधिक गांव नष्ट हो गए जिस वजह से लोगों को सिल्कुरा गांव छोड़ना पड़ा।
एक अधिकारी ने बताया, "बुधवार देर रात बादल फटने से अभी तक तबाही का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सका है।" अभी तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि भीमबली से जंगलचट्टी तक का ट्रेक मार्ग बाधित हो गया है।
राज्य आपदा बचाव कोष (SDRF) और पुलिसकर्मियों ने सोनप्रयाग में 100 से अधिक तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश संबंधित दुर्घटनाओं की वजह से दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई।
भारी बारिश के चलते रूकी अमरनाथ यात्रा
वहीं भारी बारिश के चलते अमरनाथ गुफा मंदिर तक जाने वाले दोनों मार्ग फिसलन भरे हो गए हैं जिसके चलते अधिकारियों को कुछ समय के लिए यात्रा रोकने को मजबूर होना पड़ा है।
अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर घाटी में तड़के से कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है जिससे अधिकारियों को आज सुबह यात्रा रोकनी पड़ी। दो जुलाई को दोनों मार्गों से यात्रा शुरू होने के बाद से आज के दिन सबसे कम संख्या में श्रद्धालुओं ने बर्फ से बने शिवलिंग का दर्शन किया।