नयी दिल्ली: कांग्रेस ने गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा द्वारा भाजपा नेता मनोहर पर्रिकर को राज्य का मुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रूख किया। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे एस खेहर के आवास पर कल शाम याचिका दायर की गई और न्यायमूर्ति खेहर ने आज सुनवाई करने पर सहमति जताई। इस सिलसिले में विशेष पीठ का गठन किया गया है क्योंकि शीर्ष अदालत होली पर एक सप्ताह के अवकाश पर है।
गोवा कांग्रेस विधायक दल के नेता चंद्रकांत कवलेकर की ओर से दायर इस याचिका में मांग की गई है कि पर्रिकर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर रोक लगाई जाए। याचिका में मांग की गई है कि पर्रिकर को मुख्यमंत्री नियुक्त करने के राज्यपाल के फैसले को रद्द किया जाए। वकील देवदत्त कामथ की ओर से दायर याचिका पर वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी दलील पेश कर सकते हैं। इसमें केंद्र और गोवा को पक्षकार बनाया गया है।
इससे पहले गोवा विधानसभा चुनाव के बाद तेजी से बदले सियासी घटनाक्रम में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। अब वह 14 मार्च को शाम पांच बजे एक बार फिर गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बीजेपी को समर्थन देने वाली एमजीपी के नेता सुधीर ढवलीकर को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा।
दरअसल इससे पहले गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने भाजपा नेता और केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को सरकार बनाने का न्योता दिया। पर्रिकर ने रविवार को ही राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। राज्यपाल ने शपथ ग्रहण के बाद 15 दिनों के भीतर पर्रिकर को बहुमत साबित करने को कहा है।