बंगाल की खाड़ी में उठा समुद्री चक्रवात फनि अब भारतीय समुद्री तट से मात्र 540 किमी. की दूरी पर है। समुद्री सतह पर यह तूफान 'अत्यंत भीषण चक्रवाती' तूफान में बदल चुका है और तेजी से भारतीय सीमा की ओर बढ़ रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह तूफान पिछले 6 घंटों से 7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ उत्तर की ओर बढ़ रहा है। यह तूफान 3 मई को ओडिशा के गोपालपुर और चंदबली के समु्द्री तट से 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से टकराने की संभावना है। नागरिक विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने गुरुवार को कहा कि सभी हवाई अड्डा प्राधिकारियों को सावधान रहने को कहा गया है ताकि वह चक्रवात फोनी से निपटने के लिए तैयार रहें।
चक्रवात से ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश के 9 जिले प्रभावित हो सकते हैं। तूफान से तबाही की आशंकाओं के बीच ओडिशा में 8 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है। वहीं एहतियात के रूप में रेलवे ने भी बुधवार को तटीय क्षेत्रों से गुजरने वाली 22 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इस प्रकार अब तक 103 ट्रेनें कैंसिल हो चुकी हैं।
ओडिशा: फनि तूफानी की चेतावनी के चलते आज आधी रात से अगले 24 घंटे तक कोई फ्लाइट नहीं उड़ेगी।
ओडिशा: भुवनेश्वर के रेड क्रॉस भवन में राहत सामग्री के पैकेटों के वितरण के लिए तैयारी चल रही है।
फोनी तूफान के बाद तत्काल राहत प्रदान करने के लिए कोस्ट गार्ड एनडीआरएफ और राज्य प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। 25 अप्रैल से हमारे शिप और एयरक्राफ्ट लगातार क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं और हम मछुआरों को मौसम की चेतावनी भेज रहे हैं: परमेश, आईजी कोस्ट गार्ड ईस्ट
ओडिशा: पुरी समुद्र तट पर लोगों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी जा रही है। कल पुरी जिले में भूस्खलन होने की आशंका है।
चक्रवात की चेतावनी को देखते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने तटीय क्षेत्रों में मौजूद सभी हवाई अड्डों को एहतियाती कदम उठाने को कहा है।
दक्षिण पूर्व रेलवे ने जानकारी देते हुए बताया कि आज पुरी से हावड़ा के लिए दो और स्पेशल ट्रेन चलेंगी। ये ट्रेन दोपहर 3 बजे और शान 6 बजे रवाना होगी। इसके स्टॉपेज खुर्दा रोड, भुवनेश्वर, कटक, जाजपुर, केंदुझर रोड, भद्रक, बालासोर और खड़गपुर होंगे।
एचआर बिस्वास, डायरेक्टर, मौसम विभाग, भुवनेश्वर ने कहा कि आज ओडिशा के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों और इसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। शुक्रवार को सभी 11 तटीय जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
तूफान से तबाही की आशंका को देखते हुए 8 लाख लोगों को अब तक सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है। अब तक राज्य में 879 शरण स्थल बनाए जा चुके हैं। इसके अलावा लोगों को शहर देने के लिए स्कूलों, कॉलेजों की इमारतों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
भारतीय मौसम विभाग ने तूफान फनी को लेकर ओडिशा, पश्चिम बंगला और आंध्र के 3 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग को इन क्षेत्रों में भारी तबाही की आशंका है। मछुआरों को भी 1 से 5 मई तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
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