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Cyclone Nisarga के पहुंचने से पहले मुंबई में बारिश; हवाई अड्डे, बंदरगाह पर सुरक्षा के विषेश प्रबंध

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 03, 2020 07:47 am IST,  Updated : Jun 03, 2020 07:47 am IST

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले स्थित अलीबाग में चक्रवात 'निसर्ग' के पहुंचने की आशंका से पहले ही मुंबई और इसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई जोकि रात होने तक और तेज हो गई।

Cyclone Nisarga: Ahead of landfall, rains lash Mumbai- India TV Hindi
Cyclone Nisarga: Ahead of landfall, rains lash Mumbai Image Source : AP FILE PHOTO

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले स्थित अलीबाग में चक्रवात 'निसर्ग' के पहुंचने की आशंका से पहले ही मुंबई और इसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई जोकि रात होने तक और तेज हो गई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुंबई के उप महानिदेशक (मौसम विज्ञान) केएस होसालीकर ने ट्वीट किया, ''दो जून रात साढ़े दस बजे का मौसम अपडेट। मुंबई और इसके आसपास शाम से बारिश जारी। अब यह तेज हो गई है।'' मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले 24 घंटे में महानगर के अधिकतर हिस्सों में मध्यम बारिश जबकि सुदूरवर्ती क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 

वहीं चक्रवात के खतरे को देखते हुए महानगर के हवाईअड्डे और बंदरगाहों पर अधिकारियों ने सुरक्षा के विषेश प्रबंध किए हैं। चक्रवात निसर्ग आज मुंबई के निकट तट पर पहुंचेगा। मुंबई हवाई अड्डे की परिचालक कंपनी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (मायल) ने कहा कि चक्रवात के खतरे को देखते हुए उसने यात्रियों और हवाई जहाजों की सुरक्षा के लिए वहां अनेक प्रबंध किए हैं।

नागर विमानन महानिदेशालय ने भी एक परिपत्र जारी करके एयरलाइनों और पायलटों को खराब मौसम में विमान सेवाओं के परिचालन के संबंध में स्थायी दिशा निर्देशों का पालन करने को कहा है। हवाई अड्डे पर बिजली की आपातकालीन व्यवस्था के लिए डीजल जनरेटरों का विशेष प्रबंध किया गया है।

जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह न्यास (जेएनपीटी) ने भी कहा है कि उसने तूफान के दौरान कठिनाई कम करने के लिए विभिन्न उपाय किए है। बंदरगाह प्रबंधकों ने सुरक्षा की दृष्टि से यात्री पोतों की सेवाएं निलंबित कर दी हैं।

जेएनपीटी ने भारतीय मौसम विभाग के अनुमान का हवाला देते हुए कहा है कि चक्रवात के तट पर प्रवेश के समय 50-60 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। लंगर डाले जहाजों से मंगलवार सात 11 बजे तक सामान उतरवा उन्हें बंदरगाह क्षेत्र से बाहर करने की योजना पर काम चल रहा था। प्रवेश के लिए इंतजार कर रहे जहाजों को स्थिति सामान्य होने तक रुके रहने का निर्देश है।

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