नई दिल्ली: दिल्ली में यमुना में पानी का स्तर चेतावनी के स्तर पर पहुंच गया है। पहाडो़ं में लगातार होती बारिश और हथिनीकुंड बराज से पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। इससे दिल्ली के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ गई है। हालांकि दिल्ली सरकार हालात से निपटने के लिए हर कोशिश करने का दावा कर रही है लेकिन आने वाले दिनों में पहाड़ों पर फिर से भारी बारिश का अनुमान मुसीबत और बढ़ा सकती है।
पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड में पानी छोड़े जाने के बाद यमुना में पानी का स्तर बढ़ गया है। यमुना नदी में जलस्तर वार्निंग लेवल 204.00 के उपर पहुंच चुकी है। इससे नदी किनारे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ गई है। उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है।
आज खुद दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने मोटरबोट में बैठकर बाढ़ संभावित इलाकों का दौरा किया। सरकार का कहना है कि अभी चिंता करने की बात नहीं है। फिलहाल, यमुना खतरे के निशान से नीचे है।
आने वाले दिनों में 24 और 25 जुलाई को उत्तराखंड में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अनुमान लगाया है। उत्तराखंड में जबरदस्त बारिश होने की आशंका की स्थिति में दिल्ली में भी यमुना चेतावनी के स्तर से उपर डेंजर लेवल 204.83 पर पहुंच सकती है। वहीं, दिल्ली सरकार का दावा है कि वो किसी भी हालात से निपटने के लिए मुस्तैद है।
इन इलाकों में बाढ़ का खतरा-
दिल्ली में आमतौर पर उत्तरी जिला, नॉर्थ ईस्ट, शाहदरा सेंट्रल, ईस्ट और साउथ ईस्ट इलाके बाढ़ से ज्यादा प्रभावित होते हैं। ऐसे इलाकों में दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम समय-समय पर पानी के बढ़ते स्तर की चेतावनी देती रहती है। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने बदरपुर, बुराड़ी, सोनिया विहार, जगतपुर, वजीरपुर, वोट क्लब सहित 18 इलाकों में मोटरबोट तैनात किए हैं।