बेंगलूरू: सीबीआई ने जद (सेकुलर) नेता और कैसिनो मालिक केसी वीरेंद्र को उसके परिसर से दो हजार रूपये के नोटों की सूरत में 5.7 करोड़ रूपये जब्त होने के मामले में गिरफ्तार किया है।
एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने चार बैंकों - भारतीय स्टेट बैंक, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक - के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
सीबीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने पीटीआई भाषा को बताया, हमने केसी वीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। उसे 10 दिसंबर को हुबली से गिरफ्तार किया गया था और अगले दिन बेंगलूरू लाया गया था और सीबीआई की अदालत में पेश किया गया था। वह छह दिन तक हमारी हिरासत में है।
आयकर विभाग के अधिकारियों ने 10 दिसंबर को चल्लाकेरे में वीरेंद्र के घर और गोवा में उसके एक कैसिनो सहित 15 परिसरों पर छापा मारा था। अधिकारियों ने दो हजार रूपये के नोटों में 5.7 करोड़ रूपये जब्त किए थे। साथ ही में हुबली जिले और चल्लाकेरे से 100 रूपये और 20 रूपये के नोटों की सूरत में 90 लाख रूपये जब्त किए थे।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि वीरेंद्र ने कथित तौर पर कुछ बैंकरों और बिचौलियों से मिलीभगत करके दो हजार रूपये के नोटों में अपने पुराने नोट बदलवाए थे।
सूत्रों ने कहा कि वीरेंद्र का नाम इससे पहले क्रिकेट सट्टेबाजी के मामले में आ चुका है। वह चिट फंड का कारोबार चलाता था और बाद में उसने कैसिनो और अन्य क्षेत्रों में कदम रखा।
वीरेंद्र चित्रदुर्ग जिले के चल्लाकेरे का एक कारोबारी है और प्राइमरी लैंड डेवलेपमेंट बैंक का पूर्व अध्यक्ष भी है।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में वीरेंद्र ने कई लोगों के नाम बताए हैं और सीबीआई उन लोगों से कथित हवाला ऑपरेटर को जोड़ने के बाबत सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है।
सूत्रों ने बताया कि छह दिन की पूछताछ के दौरान सीबीआई वीरेंद्र से उसके परिसर में मिले दस्तावेजों के आधार पर सवाल पूछेगी और यह जानने की कोशिश करेगी कि इन कोषों का स्रोत क्या है। इस पूछताछ से इस कांड में वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के शामिल होने का पर्दाफाश भी हो सकता है।