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Kisan Andolan: किसानों और सरकार के बीच बैठक खत्म, कानून वापसी पर नहीं बनी सहमति

कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़ें किसान संगठनों और सरकार के बीच आज आठवें दौर की बातचीत हुई।

IndiaTV Hindi Desk Written by: IndiaTV Hindi Desk
Updated on: January 08, 2021 17:15 IST
कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़ें किसान संगठनों और सरकार के बीच आज आठवें दौर की बातचीत हुई।- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़ें किसान संगठनों और सरकार के बीच आज आठवें दौर की बातचीत हुई।

नई दिल्ली: कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़ें किसान संगठनों और सरकार के बीच आज आठवें दौर की बातचीत हुई। बैठक में सरकार और किसानों के बीच कानून वापसी को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। किसान संगठनों और सरकार के बीच बातचीत का ये आठवां दौर दोपहर 2.45 बजे से विज्ञान भवन में शुरू हुआ था। इससे पहले सात दौर की बातचीत में भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका था। फिर भी दोनों पक्षों को उम्मीद थी कि बातचीत से कोई समाधान निकल आएगा। लेकिन इस बार भी कोई समाधान नहीं निकला। इस मामले में सबसे बड़ी मुश्किल ये है कि किसान इस बात पर अड़े हैं कि बात तभी बनेगी जब कृषि कानून वापस लिए जाएंगे, वहीं केंद्र सरकार भी अपने कदम पीछे खींचने को तैयार नहीं है। इससे पहले 4 जनवरी को सातवें दौरा की और 30 दिसंबर को छठे दौर की बातचीत हुई थी।

किसानों ने कल निकाली थी ट्रैक्टर रैली

इससे पहले कल संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में गाजीपुर बॉर्डर से हरियाणा के पलवल तक किसानों की ओर से ट्रैक्टर रैली निकाली गयी। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में यह रैली निकाली गयी। टिकैत दोपहर 12 बजे के करीब खुद नीले रंग के ट्रैक्टर पर सवार होकर ट्रैक्टर रैली में शामिल हुए। यह ट्रैक्टर रैली इस्टर्न पेरीफेरल रोड पर गाजियाबाद के दुहाई, डासना, व गौतमबुद्ध नगर के बील अकबरपुर, सिरसा होते हुए पलवल तक निकाली गई। 

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कई जनपद के सैकड़ों किसान शामिल हुए
गौरतलब है कि इस रैली में शामिल होने के लिए गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मथुरा, आगरा, मुजफ्फरनगर, बागपत समेत कई जनपदों के सैकड़ों किसान अपने ट्रैक्टर लेकर पहुंचे। किसानों ने हरियाणा के जींद, सोनीपत एवं फरीदाबाद समेत अन्य स्थानों पर भी केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टर रैली निकाली । जींद में किसानों ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने ट्रैक्टर मार्च किया तो उचाना में किसानों ने राष्ट्रीय, राज्य एवं लिंक मार्गों पर ट्रैक्टर मार्च निकाला। 

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हक की लड़ाई के लिए बॉर्डर पर डटे रहेंगे-किसान
किसानों ने कहा कि सरकार की मंशा थी कि लंबा आंदोलन चलेगा तो यह कामयाब नहीं होगा लेकिन किसान मन बने चुके हैं कि चाहे आंदोलन एक साल तक चले वे अपने हक की लड़ाई के लिए दिल्ली बॉर्डर पर डटे रहेंगे। दूसरी ओर कुंडली सीमा पर डटे किसानों ने भी जीटी रोड एवं अन्य मार्गों पर पर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर रैली निकाल कर सरकार को अपना दम दिखाया। फरीदाबाद में भी किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली और पलवल की ओर कूच किया ।

इनपुट-भाषा