इंदौर: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर लोगों को मुआवजा दिये बगैर उनके घर तोड़ने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस आज सड़क पर उतरी और विरोध प्रदर्शन किया। स्मार्ट सिटी परियोजना की कथित विसंगतियों के खिलाफ पार्टी की निकाली गयी जन अधिकार यात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरण यादव शामिल हुए। यादव ने इस दौरान संवाददाताओं से कहा, इंदौर में घनी आबादी वाले और पहले से विकसित इलाकों को स्मार्ट सिटी परियोजना के लिये चुना गया है।
निर्माण के नाम पर लोगों के बरसों पुराने घर तोड़ दिये गये
बियाबानी क्षेत्र में इस परियोजना के तहत सड़क निर्माण के नाम पर लोगों के बरसों पुराने घर तोड़ दिये गये और इसके बदले उन्हें मुआवजे के रूप में एक रपया तक नहीं दिया गया। उन्होंने प्रदेश सरकार को अंधी, गूंगी और बहरी करार देते हुए कहा कि उसे उन लोगों के दर्द का अहसास नहीं है, जिनके आशियाने स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर उजाड़े जा रहे हैं। यादव ने कहा, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि कांग्रेस स्मार्ट सिटी परियोजना के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन हमें इसके स्वरूप पर सख्त आपत्ति है। इस परियोजना के तहत उन जगहों का चुनाव किया जाना चाहिये था, जहां बुनियादी सुविधाओं की गंभीर कमी है। उन्होंने भोपाल में बाढ़ पीडि़तों को राहत प्रदान करने के नाम पर मिट्टी मिला गेहूं बांटे जाने के मामले में भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, जब भोपाल में यह स्थिति है, तो आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य के दूसरे इलाकों में इस सिलसिले में क्या हालत होगी। राज्य में गेहूं माफिया सक्रिय है।