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हरे-भरे गांव पर सरकारी मशीनरी का कहर

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 21, 2016 12:27 pm IST,  Updated : May 21, 2016 12:44 pm IST

सूखे की समस्या से जूझ रहे बुंदेलखंड के हर हिस्से में खेत के वीरान पड़े हैं, पलायन, जलस्रोत सूख चुके हैं।

Drought- India TV Hindi
Drought

भोपालः किसान नंदराम अहिरवार का प्रफुल्लता से भरा और खिलखिलाता चेहरा बरबस अपनी ओर ध्यान खींच लिया करता था, मगर इस समय नंदराम का चेहरा उदासी भरा है और आंखों में आंसू। सरकारी मशीनरी ने उसके गांव की बिजली काट दी है, जिससे खेतों में खड़ी फसल बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है।

यह कहानी है सूखा की पहचान बन चुके बुंदेलखंड के ग्याजीतपुरा गांव की। यह गांव मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में आता है, यहां के किसानों ने प्रकृति से लड़ते हुए बारिश के पानी को रोका, पानी को बर्बाद नहीं होने दिया और अपने खेतों को हरा भरा बनाया। इस गांव में पहुंचते ही यह एहसास ही नहीं होता था कि यह इलाका बुंदेलखंड का है, मगर अब इस गांव की हरियाली छिनने की कगार पर पहुंच गई है।

सूखे की समस्या से जूझ रहे बुंदेलखंड के हर हिस्से में खेत के वीरान पड़े हैं, पलायन, जलस्रोत सूख चुके हैं। वहीं ग्याजीतपुरा गांव इन सबसे अछूता है और यह गांव एक मॉडल के तौर पर उभरा है। यह सब सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि गांव के लोगों ने कर दिखाया है। अब इस गांव को भी सरकारी मशीनरी ने बुंदेलखंड के अन्य स्थानों जैसे हाल पर पहुंचाने की ठान ली है।

राज्य की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि बकाये के नाम पर बिजली न काटी जाए और वसूली रोकी जाए, फिर भी टीकमगढ़ के मोहनगढ़ तहसील की बहादुरपुरा पंचायत के ग्याजीतपुरा गांव की बिजली इसलिए काट दी गई है, क्योंकि गांव पर लगभग तीन लाख की वसूली बकाया है।

नंदराम अहिरवार बताते हैं कि उनके खेत में पपीता, मिर्ची, टमाटर और अरबी लगी हुई है। पैदावार अच्छी आने की संभावना थी, मगर बिजली विभाग ने लगभग एक पखवाड़े पहले न केवल बिजली काटी है, बल्कि गांव को बिजली देने वाले टांसफार्मर को भी हटा दिया है।

यही हाल किसान जयराम और जानकी का है। वे बताते हैं कि इस गांव में 276 परिवार रहते हैं, उनमें से अधिकांश का जीवन खेती पर निर्भर है। यहां के लोगों ने सूखे से लड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, यही कारण है कि उनके खेत सूखे के दौर में हरे भरे रहे, उन्हें सूखा प्रभावित नहीं कर पाया। उन्हें अच्छी पैदावार आने की संभावना बनी थी, मगर बिजली विभाग ने बिल बकाया होने पर बिजली कनेक्शन काट दिए हैं। इतना ही नहीं, टांसफार्मर भी उठा लिया है।

आगे स्लाइड में देखे बिजली के कटने से गांव के हालात कैसे हुए

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