नयी दिल्ली। भारत और बहरीन ने कहा है कि किसी भी देश द्वारा आतंकवादियों का महिमामंडन स्वतंत्रता सेनानी के रूप में नहीं करना चाहिए। दोनों देशों ने आतंकवादी अड्डों के खिलाफ सभी देशों से मुकाबले की अपील की। बहरीन की राजधानी मनामा में सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह तथा बहरीन के आंतरिक मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल शेख राशिद बिन अब्दुल्लाह अल खलीफा के बीच व्यापक बातचीत के बाद यह बात कही गई।
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भारतीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए शेख राशिद ने कहा कि बहरीन के पूरब तथा पश्चिम से हमेशा संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ने तथा आपसी व क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए साथ मिलकर काम करने की आशा करते हैं।" राजनाथ सिंह बहरीन की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं, जो मंगलवार को समाप्त हो गई।
शेख राशिद ने आतंकवाद से निपटने के लिए दोनों देशों के बीच किए गए समझौते के तहत बहरीन-भारत संयुक्त संचालन समिति की पहली बैठक का स्वागत किया।
दोनों देश इससे समहत हैं कि एक देश द्वारा घोषित आतंकवादी को किसी दूसरे देश द्वारा स्वतंत्रता सेनानी कहकर उसका महिमामंडन नहीं किया जा सकता है। साथ ही दोनों देशों ने दूसरे देशों के खिलाफ आतंकवाद के इस्तेमाल को सभी देशों से खारिज करने तथा आतंकवादियों के मौजूदा बुनियादी ढांचे के खिलाफ लड़ने की अपील की।
शेख राशिद ने कहा कि बहरीन को आतंकवादी गतिविधियों का अनुभव रहा है। आतंकवाद के कारण न सिर्फ जीवन को हानि व नुकसान हुआ है, बल्कि अवसंरचना को भी नुकसान पहुंचा है।
राजनाथ ने बहरीन को सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने वाला शिष्ट व खुले समाज का देश करार देते हुए कहा, "परस्पर दौरों से द्विपक्षीय संबंध विकसित होंगे।" उन्होंने कहा कि आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए खतरा है और भारत बहरीन के साथ संयुक्त आतंकवाद रोधी सहयोग सुदृढ़ करने के लिए तैयार है।
दोनों देशों ने समिति की नियमित बैठक तथा आतंकवाद से संबंधित जांच तथा आतंकवाद सहित संगठित अपराध व मादक पदार्थो की तस्करी पर सूचनाओं के आदान-प्रदान का फैसला किया।