1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. तस्वीरें: लद्दाख में पैंगोंग झील के पास से वापस लौटते चीन के सैनिक

तस्वीरें: लद्दाख में पैंगोंग झील के पास से वापस लौटते चीन के सैनिक

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 16, 2021 01:28 pm IST,  Updated : Feb 16, 2021 06:16 pm IST

साउथ बैंक से चीनी सैनिकों की वापसी का वीडियो आया है। इस वीडियो में वो कैंप दिख रहे हैं जो चाइनीज सैनिक खाली करके गए हैं। इन खाली कैंपों को बुलडोजर लगाकर ध्वस्त कर दिया गया।

नई दिल्ली. वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के सैनिकों की वापसी की नई तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों मे साफ तौर पर देखा जा सकता है कि चीन के सैनिक वापस लौट रहे हैं। इतना ही नहीं चीन की सेना (PLA) ने जो वहां पर निर्माण किए थे उन्हें भी ध्वस्त किया जा रहा है, निर्माण ध्वस्त होने की तस्वीरें भी देखी जा सकती हैं।  भारतीय सेना की तरफ से एक वीडियो भी जारी किया गया है जिसमें चीन के सैनिक और टैंकों की वापसी साफ तौर पर दिखाई दे रही है। 

Indian China soldiers disengagement video photo Pangong lake LAC Ladakh तस्वीरें: लद्दाख में पेंगोंग
Image Source : ANIतस्वीरें: लद्दाख में पैंगोंग झील के पास से वापस लौटते चीन के सैनिक

आपको बता दें कि भारत और चीन पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण से सैनिकों को हटाने के लिए एक समझौते पर पहुंच गए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले गुरुवार 11 फरवरी को राज्यसभा में यह जानाकरी दी। रक्षा मंत्री ने कहा, "चीन के साथ निरंतर वार्ता से पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण तट से सेना हटाने पर सहमति बनी है। समझौते के बाद, भारत-चीन चरणबद्ध और समन्वित तरीके से फारवर्ड पोस्ट पर तौनात सैनिकों को पीछे हटाएंगे।"

Indian China soldiers disengagement video photo Pangong lake LAC Ladakh तस्वीरें: लद्दाख में पेंगोंग
Image Source : ANIतस्वीरें: लद्दाख में पैंगोंग झील के पास से वापस लौटते चीन के सैनिक

राजनाथ सिंह ने कहा, "चीन उत्तर पैंगोंग झील के फिंगर 8 के पूर्व में अपने सैनिकों को रखेगा। भारत अपने सैनिकों को फिंगर 3 के पास अपने स्थायी बेस पर रखेगा।" रक्षा मंत्री ने कहा, "चीन ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी (वास्तवकि नियंत्रण रेखा) के पास कई स्थानों पर हथियारों और गोला-बारूद के साथ भारी सैन्यबल तैनात कर रखा है। इसके जवाब में हमारी सेना ने भी पर्याप्त और प्रभावी ढंग से तैनाती की है।"

Indian China soldiers disengagement video photo Pangong lake LAC Ladakh तस्वीरें: लद्दाख में पेंगोंग
Image Source : ANIतस्वीरें: लद्दाख में पैंगोंग झील के पास से वापस लौटते चीन के सैनिक

राजनाथ सिंह ने कहा, "हम वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांतिपूर्ण स्थिति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत ने हमेशा द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने पर जोर दिया है।" उन्होंने कहा कि सेनाएं कमांड पोस्ट पर लौट आएंगी और आगे कहा, "एक इंच जमीन नहीं दी जाएगी और टकराव के बाद भारत ने कुछ भी नहीं खोया है।"

 

Indian China soldiers disengagement video photo Pangong lake LAC Ladakh तस्वीरें: लद्दाख में पेंगोंग
Image Source : INDIA ARMYतस्वीरें: लद्दाख में पैंगोंग झील के पास से वापस लौटते चीन के सैनिक

रक्षा मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों ने साबित कर दिया है कि वे देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं और राष्ट्र हमेशा सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को याद रखेगा। उन्होंने कहा, "जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो देश एकजुट रहता है चाहे आप किसी भी दल से जुड़े हों।"

Indian China soldiers disengagement video photo Pangong lake LAC Ladakh तस्वीरें: लद्दाख में पैंगोंग
Image Source : INDIAN ARMYतस्वीरें: लद्दाख में पैंगोंग झील के पास से वापस लौटते चीन के सैनिक

हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी ने पिछले रविवार को आरोप लगाया कि गलवान घाटी एवं पैंगोंग झील इलाके से सैनिकों को पीछे ले जाना एवं बफर जोन बनाना भारत के अधिकारों का ‘आत्मसमर्पण’ है। एंटनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को ऐसे समय में उचित प्राथमिकता नहीं दे रही है जब चीन आक्रामक हो रहा है और पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद का प्रोत्साहन जारी है।

Indian China soldiers disengagement video photo Pangong lake LAC Ladakh तस्वीरें: लद्दाख में पैंगोंग
Image Source : INDIAN ARMYतस्वीरें: लद्दाख में पैंगोंग झील के पास से वापस लौटते चीन के सैनिक

उन्होंने कहा कि सैनिकों का पीछे हटना अच्छा है क्योंकि इससे तनाव कम होगा लेकिन इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की कीमत पर नहीं किया जाना चाहिए। एंटनी ने आरोप लगाया, ‘‘गलवान घाटी एवं पैंगोंग झील से सैनिकों को पीछे हटाना आत्मसमर्पण है।’’ उन्होंने कहा कि यह आत्मसमर्पण करने जैसा है क्योंकि पांरपरिक रूप से इन इलाकों को भारत नियंत्रित करता रहा है। एंटनी ने आरोप लगाया, ‘‘हम अपने अधिकारों का समर्पण कर रहे हैं।’’

Indian China soldiers disengagement video photo Pangong lake LAC Ladakh तस्वीरें: लद्दाख में पैंगोंग
Image Source : INDIA ARMYतस्वीरें: लद्दाख में पैंगोंग झील के पास से वापस लौटते चीन के सैनिक

उन्होंने रेखांकित किया कि वर्ष 1962 में भी गलवान घाटी के भारतीय क्षेत्र होने पर विवाद नहीं था। पूर्व रक्षामंत्री ने कहा, ‘‘सैनिकों को पीछे लाना और बफर जोन बनाना अपनी जमीन का आत्मसमर्पण करना है।’’ उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार सैनिकों की इस वापसी और बफर जोन बनाने के महत्व को नहीं समझ रही है। एंटनी ने चेतावनी देते हुए कहा कि चीन किसी भी समय पाकिस्तान की सियाचिन में मदद करने के लिए खुराफात कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस सरकार से जानना चाहते हैं कि पूरे भारत-चीन सीमा पर वर्ष 2020 में मध्य अप्रैल की पूर्व की स्थिति आएगी एवं इस संबंध में सरकार की क्या योजना है।’’

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत