इंदौर: अगर रेलवे के एक विचाराधीन प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गयी तो वीआईपी कोटे के तहत कन्फर्म होने वाले रेल टिकटों पर तत्काल कोटे की दर से उंचा किराया वसूला जा सकता है। मध्यप्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने आज पीटीआई-भाषा को बताया कि उन्होंने वीआईपी कोटे के तहत कन्फर्म होने वाले रेल टिकटों को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय को 11 फरवरी को शिकायत की थी।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने उनकी शिकायत को रेलवे बोर्ड के यात्री मार्केटिंग विभाग के कार्यकारी निदेशक को भेज दिया था। सरकार के एक शिकायत निवारण तंत्र ने गौड़ को 19 जुलाई को ई-मेल के जरिये भेजे जवाब में कहा, आपके मूल्यवान सुझाव की प्रशंसा की जाती है। हालांकि, मुख्यालय या उच्च अधिकारी :एचओ: या वीआईपी कोटा के तहत कन्फर्म होने वाले रेल टिकटों पर तत्काल कोटे की दर से किराया वसूलने के प्रस्ताव पर पहले ही विचार किया जा रहा है।
गौड़ ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी अपनी शिकायत के हवाले से कहा कि वीआईपी कोटे के तहत रेल टिकटों को कन्फर्म किये जाने की मौजूदा व्यवस्था हालांकि भेदभावपूर्ण है। लेकिन अगर रेलवे किन्हीं वजहों से इस व्यवस्था को खत्म नहीं कर सकता, तो उसे ऐसे टिकटों पर तत्काल कोटे की दर से उंचा किराया वसूलना चाहिये। उन्होने कहा कि फिलहाल वीआईपी कोटे के तहत कन्फर्म रेल टिकटों पर सामान्य किराया वसूला जाता है। इस कोटे के तहत टिकट पक्का होने के बाद यात्री से कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाता।